काशी की कढ़ाई, मुरादाबाद की चमक और योगी की ब्रांडिंग

सैफी हुसैन
सैफी हुसैन, ट्रेड एनालिस्ट

उत्तर प्रदेश की शिल्पकला और GI प्रोडक्ट्स अब किले के बाहर की दुनिया देखेंगे। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में होने वाले UP इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में योगी सरकार पूरे जोर-शोर से कशीदाकारी से लेकर कागज पर बनी कलाकारी तक सब कुछ इंटरनेशनल ग्राहक के सामने पेश करने जा रही है।

इवेंट लोकेशन & डेट्स:

इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा
25 से 29 सितंबर, 2025

GI टैग्स का जलवा – काशी की कलाकारी करेगी इंटरनेशनल वॉक

“काशी सिर्फ मोक्ष का द्वार नहीं, अब GI टैग वाला बिज़नेस भी है, बाबा विश्वनाथ की कृपा से!”
– ट्रेड शो टीम का दावा

UP में कुल 77 GI टैग वाले प्रोडक्ट्स हैं। इनमें से 60 इस बार इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखाए जाएंगे — और सबसे ज्यादा 32 प्रोडक्ट अकेले काशी और आसपास से हैं। यानी, अब बनारस की साड़ी सिर्फ शादी में नहीं, अब इंटरनेशनल डील में भी झलकेगी।

क्या-क्या होगा शो में खास?

  • अलग GI Pavilion – यहां सिर्फ असली देसी क्राफ्ट का जलवा होगा

  • हस्तशिल्प से लेकर खाद्य उत्पाद तक – कांच, पीतल, लकड़ी, कपड़ा, मिठाइयाँ — सब होगा

  • बिजनेस टू बिजनेस (B2B) इंटरैक्शन – अब बनारसी लूम की बी2बी मीटिंग दुबई और लंदन वालों से होगी

  • सेल्फी विथ GI – जी हां, जब तक लोग इंस्टा पर पोस्ट न करें, तब तक ब्रांडिंग अधूरी रहती है!

योगी सरकार की सोच – GI टैग से बनेगा $1 ट्रिलियन इकोनॉमी का धागा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद ODOP और GI उत्पादों के ब्रांड एम्बेसडर बन चुके हैं। उनके मुताबिक, “अगर सूत से चरखा चल सकता है, तो GI टैग से इकोनॉमी भी उड़ सकती है।”

पद्मश्री डॉ. रजनीकांत, जिन्हें लोग प्यार से “GI मैन ऑफ इंडिया” कहते हैं, का मानना है कि इस ट्रेड शो से 20-25% कारोबार की ग्रोथ हो सकती है। उन्होंने बताया, GI प्रोडक्ट्स से 60 लाख लोग जुड़े हैं, और सालाना ₹1 लाख करोड़ का बिज़नेस होता है।

उद्योग विभाग ने कहा – “पिचिंग तो हम कर रहे हैं, बॉल अब ग्लोबल बायर के कोर्ट में है”

अपर आयुक्त उद्योग उमेश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि कुल 60 GI प्रोडक्ट्स ट्रेड शो में भाग लेंगे, और सबसे ज़्यादा फोकस काशी पर होगा। यानी अब बनारसी साड़ी और काला जामुन दोनों इंटरनेशनल शो में रैंप पर चलेंगे।

“GI टैग वाले प्रोडक्ट्स का भी मन है विदेश घूमने का!”

कहीं सुना गया था —“हर हाथ को काम और हर हुनर को नाम” अब यूपी कह रहा है – “हर GI टैग को प्लेन टिकट दो, दुनिया घुमाओ!”

उत्तर प्रदेश के कांच की चूड़ियों से लेकर खुर्ज़ा की मिट्टी, और मुरादाबाद की पीतल की चमचमाहट — अब ये सब अपनी पैकिंग तैयार कर रहे हैं। इंटरनेशनल ट्रेड शो में ये प्रोडक्ट्स सिर्फ टेबल पर नहीं होंगे, बल्कि अपने हुनर से विदेशी बायर्स का दिल भी जीतने निकल पड़े हैं।

अब GI प्रोडक्ट्स कहेंगे – हम भी कभी विदेश गए थे

यह ट्रेड शो ‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘लोकल टू ग्लोबल’ की ओर यूपी का एक स्मार्ट और दमदार कदम है। और योगी सरकार की योजना साफ है — ‘हुनर को हाइवे दो, और परंपरा को प्लेटफार्म!’

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