ममता बनर्जी का बयान: ‘धनखड़ जी एकदम ठीक हैं’, इस्तीफ़ा राजनीति से परे है

Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक अपने पद से इस्तीफ़ा देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी।
आधिकारिक तौर पर उन्होंने ‘स्वास्थ्य कारणों’ का हवाला दिया है, लेकिन सोशल मीडिया और विपक्ष में चर्चाओं का पेट अब तक भर नहीं पाया।

ममता बनर्जी का बयान: “उन्हें कुछ नहीं हुआ!”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर सधी हुई मुस्कान के साथ प्रेस को संबोधित करते हुए कहा,

“राजनीतिक दल तय नहीं कर सकते कि उन्होंने इस्तीफ़ा क्यों दिया। मुझे नहीं लगता कि उन्हें कुछ हुआ है। उनका स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक है।”

यानि ममता दीदी का इशारा साफ था — “बीमार शरीर नहीं, शायद सिस्टम है।”

राष्ट्रपति को सौंपा इस्तीफ़ा — लेकिन कारण ‘मेडिकल’ ही क्यों?

धनखड़ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजे पत्र में कहा कि वे “स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता” देने के लिए पद छोड़ रहे हैं। हालाँकि, उन्होंने न मेडिकल रिपोर्ट साझा की, न कोई सार्वजनिक संदेश। क्या ये एक नई “गुप्त पॉलिटिकल SOP” की शुरुआत है?
या फिर ‘स्वास्थ्य कारण’ 2024 के चुनावी मौसम से पहले छुट्टी लेने का नया पासवर्ड है?

इस्तीफ़ा तो दे दिया, लेकिन विश्वास नहीं गया

राजनीतिक जीवन में इस्तीफे सिर्फ पत्र नहीं, संकेत होते हैं। धनखड़ का जाना, ममता की टिप्पणी और सरकार की चुप्पी — तीनों को मिलाकर अगर हम एक बात समझते हैं, तो वो ये है, “कभी-कभी, पद भारी नहीं होता, मौन ज्यादा वज़नी होता है।”

ट्रंप बोले, ‘मैंने युद्ध रुकवाया’, कांग्रेस बोली ‘आपका जादू कब से चलने लगा?’

Related posts

Leave a Comment