हापुड़: उत्तर प्रदेश के हापुड़ में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने एक कार से करीब तीन करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। यह कार शाहजहांपुर से दिल्ली जा रही थी। पिलखुवा के छिजारसी टोल प्लाजा के पास खुफिया सूचना के आधार पर कार को रोककर तलाशी ली गई। इस दौरान 35 लाख रुपये एक बैग से मिले, जबकि करीब 2 करोड़ 65 लाख रुपये कार के दरवाजों में बने गुप्त खानों में छिपाए गए थे। नकदी के संबंध में चालक कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। डीआरआई ने बरामदगी की जानकारी आयकर विभाग को दे दी है।
खुफिया सूचना के बाद टोल प्लाजा पर रोकी गई कार
डीआरआई अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी को सूचना मिली थी कि एक कार में बड़ी मात्रा में नकदी लेकर दिल्ली की ओर जाया जा रहा है। इसके बाद टीम सक्रिय हुई और पिलखुवा स्थित छिजारसी टोल प्लाजा के पास संदिग्ध कार को रोक लिया।
तलाशी के दौरान कार में रखे एक बैग से 35 लाख रुपये बरामद हुए। इसके बाद वाहन की गहन जांच की गई तो दरवाजों के भीतर बने खानों में नोटों की गड्डियां छिपी मिलीं। इन गुप्त खानों से करीब 2 करोड़ 65 लाख रुपये बरामद किए गए। इस तरह कुल नकदी की रकम लगभग तीन करोड़ रुपये बताई गई है।
कार के दरवाजों में बनाए गए थे गुप्त खाने
जांच के दौरान पता चला कि नकदी छिपाने के लिए कार के दरवाजों के अंदर विशेष खाने बनाए गए थे। इनमें नोटों की गड्डियां रखी गई थीं। डीआरआई ने पूरी रकम बरामद कर ली।
अधिकारियों के अनुसार, चालक से नकदी के स्रोत और उसे ले जाने के संबंध में दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध कागजात पेश नहीं कर सका। इसके बाद नकदी जब्त कर ली गई और मामले की जानकारी आयकर विभाग को दी गई है। अब आयकर विभाग आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई करेगा।
विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल की आशंका, लेकिन सीधा संबंध नहीं मिला
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इतनी बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद इसके चुनाव में इस्तेमाल किए जाने की चर्चा हो रही है। उत्तराखंड में भी आगामी चुनावों के मद्देनजर इस बरामदगी को अहम माना जा रहा है।
हालांकि, डीआरआई की प्रेस विज्ञप्ति में बरामद नकदी और चुनाव संबंधी गतिविधियों के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं किया गया है। फिलहाल नकदी के स्रोत और उसे ले जाने के उद्देश्य को लेकर आगे की कार्रवाई आयकर विभाग के स्तर पर की जानी है।
