
चीन के विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) ने गुरुवार को पाकिस्तान में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत और चीन की साझेदारी किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में वह भारत की यात्रा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर चुके हैं।
India-China Relations: ‘Not Targeting Any Country’
वांग यी ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री और डिप्टी पीएम इसहाक डार (Ishaq Dar) के साथ प्रेस वार्ता में कहा:
“भारत और चीन की साझेदारी किसी भी देश को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं है। यह एक सहयोगात्मक और सकारात्मक रिश्ता है।”
यह टिप्पणी भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड टेंशन के संदर्भ में अहम मानी जा रही है।
ट्रंप के टैरिफ़ के बाद भारत-रूस नजदीकी
वांग यी ने कहा कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ का प्रभाव धीरे-धीरे सामने आया है।
उन्होंने जोड़ा:
“इन टैरिफ़ का एक नतीजा यह भी रहा कि भारत और रूस की दोस्ती और मजबूत हुई है, जबकि चीन के साथ तनाव में भी कमी आई है।”
Multi-Destination Diplomacy: मोदी से मुलाकात, फिर अफग़ानिस्तान और पाकिस्तान यात्रा
वांग यी की यह यात्रा एक रणनीतिक कूटनीतिक दौरे का हिस्सा है। मंगलवार को उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की, उसके बाद अफग़ानिस्तान गए और अब पाकिस्तान पहुंचे हैं।
इस दौरे को एशिया में स्थिरता और संतुलन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
भारत, चीन और वैश्विक राजनीति में संतुलन
वांग यी का बयान भारत और चीन के रिश्तों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है, जहां दोनों देश वैश्विक मंच पर सहयोग बढ़ाने की बात कर रहे हैं न कि प्रतिस्पर्धा की।
यह स्पष्ट संकेत है कि चीन अब भारत को भू-राजनीतिक साझेदार के रूप में देख रहा है — न कि प्रतिद्वंद्वी के रूप में।
वांग यी की प्रेस वार्ता से यह संदेश स्पष्ट है — एशियाई शक्तियां मिलकर आगे बढ़ना चाहती हैं, न कि दूसरों के खिलाफ़। अब देखना यह होगा कि भारत इस नरम रुख का जवाब किस रूप में देता है।

