
26 अगस्त की रात जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के कटरा क्षेत्र में बादल फटने और भारी बारिश के बाद हालात बेकाबू हो गए। माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर अचानक हुए भूस्खलन (Landslide) ने अब तक 31 लोगों की जान ले ली है, जबकि कई अन्य घायल और लापता बताए जा रहे हैं।
क्या हुआ? कहां हुआ?
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स्थान: कटरा, वैष्णो देवी मंदिर मार्ग
तारीख: 26 अगस्त 2025
घटना: बादल फटा, नदियां उफान पर, मंदिर मार्ग पर भारी भूस्खलन
मौतें: 31 (SSP रियासी परमवीर सिंह की पुष्टि)
पहले मृतकों की संख्या 6 थी, लेकिन राहत और बचाव दलों की ताजा जानकारी के मुताबिक यह संख्या लगातार बढ़ती गई और अब 31 पर पहुंच गई है।
मौके पर क्या हाल है?
भारी बारिश और लैंडस्लाइड की वजह से कई रास्ते बंद हो चुके हैं। पेड़, चट्टानें और घर के मलबे बहकर नीचे आ गए हैं। राहत-बचाव कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन मौसम की बेरुखी और दुर्गम पहाड़ी रास्तों की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में लगातार मुश्किलें आ रही हैं।
“स्थिति बेहद गंभीर है, हमारी टीमें लगातार रेस्क्यू में जुटी हैं।”
— SSP रियासी परमवीर सिंह
सरकार की प्रतिक्रिया और चेतावनी
स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों को कटरा और वैष्णो देवी की ओर यात्रा न करने की सलाह दी है। साथ ही डिजास्टर मैनेजमेंट टीमें, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस अलर्ट मोड पर हैं।

क्या है पब्लिक का रिएक्शन?
सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा और चिंता दोनों दिखाई दे रहे हैं।
“हर साल मानसून में यही कहानी, लेकिन तैयारी जीरो!”
“कृपया यात्रियों को रियल टाइम अपडेट दिया जाए।”
“बचाव दलों को हरसंभव मदद मिले – जय माता दी।”
भविष्य की चुनौती: क्या ये चेतावनी थी?
बार-बार आने वाली आपदाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि क्या पहाड़ी इलाकों में यात्रा के लिए बेहतर अलर्ट सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं होना चाहिए?
वैष्णो देवी जैसे धार्मिक स्थल पर लाखों लोग यात्रा करते हैं – क्या समय आ गया है कि प्राकृतिक आपदाओं को सिर्फ ‘दुर्घटना’ मानना छोड़कर प्रबंधन की असफलता भी स्वीकारें?
श्रद्धांजलि और संवेदनाएं
हम उन सभी परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं जिन्होंने इस दुर्घटना में अपनों को खोया। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
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