UP Budget 2026: योगी सरकार का रिकॉर्ड बजट, किसे क्या उम्मीद?

अजमल शाह
अजमल शाह

अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से ठीक पहले योगी आदित्यनाथ सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट सदन में पेश करने जा रही है। अनुमान है कि बजट का आकार 9 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो सकता है जो यूपी के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बनेगा।

यह बजट सिर्फ सरकारी आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि जनता की उम्मीदों, चुनावी संकेतों और सरकार की प्राथमिकताओं का आईना भी बनेगा।

जनता पूछ रही है: “हमारे हिस्से क्या?”

युवाओं को नौकरी चाहिए, कारोबारियों को राहत, गृहणियों को महंगाई से निजात, और पेंशनर्स को सम्मानजनक जीवन।

इसी सवाल को लेकर हमने ज़मीनी आवाज़ें टटोलीं—लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर और बहराइच से।

लखनऊ से उम्मीदें

  1. अभिषेक मिश्रा (इंजीनियरिंग छात्र)
    “सरकार से उम्मीद है कि इस बजट में स्टार्टअप और सरकारी नौकरियों के लिए ठोस रोडमैप दिखे।”
  2. राहुल अग्रवाल (कारोबारी, ट्रेडर)
    “GST simplification और सस्ता लोन मिले तो कारोबार फिर रफ्तार पकड़ सकता है।”
  3. सविता वर्मा (गृहणी)
    “महंगाई पर कंट्रोल और महिलाओं के लिए सीधे लाभ वाली योजनाएं चाहिए।”
  4. रामशंकर तिवारी (पेंशनर)
    “पेंशन बढ़े यही सबसे बड़ी उम्मीद है।”
  5. नेहा सिंह (युवा, प्रतियोगी छात्रा)
    “कोचिंग और स्किल डेवलपमेंट के लिए बजट बढ़ना चाहिए।”
  6. मनोज श्रीवास्तव (छोटे व्यापारी)
    “स्थानीय बाजारों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मिले तो रोज़गार भी बढ़ेगा।”

गोरखपुर से उम्मीदें

  1. आकाश यादव (युवा)
    “सरकारी भर्ती कैलेंडर और परीक्षा सिस्टम साफ होना चाहिए।”
  2. संजय गुप्ता (व्यापारी)
    “छोटे शहरों में इंडस्ट्री आए, सिर्फ लखनऊ-नोएडा तक सीमित न रहे।”
  3. रीना पांडे (गृहणी)
    “रसोई गैस और राशन पर राहत मिलनी चाहिए।”
  4. हरिश्चंद्र सिंह (पेंशनर)
    “पेंशन समय पर और सम्मानजनक हो, यही काफी है।”
  5. पूजा निषाद (युवा छात्रा)
    “स्कॉलरशिप और टैबलेट योजना को मजबूत किया जाए।”
  6. फैयाज खान (दुकानदार)
    “स्थानीय व्यापार के लिए आसान लोन मिलना चाहिए।”

कानपुर से उम्मीदें

  1. शुभम शुक्ला (युवा)
    “MSME सेक्टर में नौकरियां बढ़ें, यही चाहत है।”
  2. अमित गुप्ता (कारोबारी)
    “टैक्स में राहत और बिजली सस्ती हो तो इंडस्ट्री चले।”
  3. अनिता मिश्रा (गृहणी)
    “महिलाओं के लिए हेल्थ और सुरक्षा बजट बढ़े।”
  4. ओमप्रकाश अवस्थी (पेंशनर)
    “बुजुर्गों के लिए फ्री मेडिकल और पेंशन बढ़ोतरी जरूरी है।”
  5. रोहित वर्मा (युवा उद्यमी)
    “स्टार्टअप फंडिंग और ट्रेनिंग चाहिए।”
  6. सलीम अंसारी (कारोबार)
    “लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिले।”

बहराइच से उम्मीदें (6 वर्जन)

  1. इरफान खान (युवा)
    “रोज़गार के लिए यहां भी इंडस्ट्री आए।”
  2. राजेश मौर्य (व्यापारी)
    “सड़क और बाजार बेहतर हों, तभी व्यापार बचेगा।”
  3. कविता देवी (गृहणी)
    “महिला पेंशन और राशन व्यवस्था मजबूत हो।”
  4. शिवकुमार वर्मा (पेंशनर)
    “पेंशन में बढ़ोतरी और मुफ्त दवा की सुविधा चाहिए।”
  5. नाजिया बानो (युवा छात्रा)
    “स्कॉलरशिप समय पर मिले, यही सबसे बड़ी मांग है।”
  6. रामदीन (छोटे दुकानदार)
    “बिजली-पानी सस्ता हो तो जीवन आसान होगा।”

बजट बड़ा है, उम्मीदें उससे भी बड़ी हैं। अब देखना ये है कि घोषणाएं फाइलों से निकलकर ज़मीन तक पहुंचती हैं या नहीं।

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