
होली से पहले उत्तर प्रदेश की करीब 3.10 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। लंबे समय से अपनी सेवाओं के उचित मूल्य की मांग कर रहीं इन महिलाओं के लिए यह फैसला राहत और सम्मान दोनों लेकर आया है।
सरकार के इस कदम को महिला सशक्तिकरण और जमीनी स्तर पर पोषण व शिक्षा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
सैलरी में कितना इजाफा?
फिलहाल राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को लगभग 8,000 रुपये प्रतिमाह (मानदेय + इंसेंटिव) मिलते हैं, जबकि सहायिकाओं को 4,000 रुपये दिए जाते हैं।
हालांकि नई बढ़ी हुई राशि का औपचारिक ऐलान अभी बाकी है, लेकिन विभागीय स्तर पर इसकी तैयारी पूरी बताई जा रही है। संकेत साफ हैं इस बार होली सिर्फ रंगों की नहीं, आय में बढ़ोतरी की भी होगी।
“अब सेवा के साथ सम्मान भी बढ़ेगा, सिर्फ जिम्मेदारी ही नहीं।”
69,206 पदों पर भर्ती का ऐलान
मानदेय वृद्धि के साथ सरकार ने 69,206 रिक्त पदों पर भर्ती की घोषणा भी की है। 7,952 पद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के, 61,254 पद सहायिकाओं के।

यह फैसला दोहरी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है एक तरफ मौजूदा कर्मचारियों को राहत, दूसरी तरफ रोजगार के नए अवसर।
पोषण, शिक्षा और जमीनी नेटवर्क
आंगनबाड़ी केंद्र राज्य की पोषण और प्री-स्कूल शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। गांवों और कस्बों में बच्चों के टीकाकरण, पोषण वितरण और गर्भवती महिलाओं की देखभाल में इनकी भूमिका बेहद अहम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जमीनी स्तर पर काम करने वाली इन महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, तो सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
होली से पहले आत्मविश्वास का तोहफा
यह घोषणा सिर्फ सैलरी बढ़ोतरी नहीं, बल्कि सामाजिक मान्यता का संकेत भी है। राजनीतिक संदेश साफ है—सरकार बच्चों के पोषण और महिला कार्यबल, दोनों को प्राथमिकता दे रही है। होली के रंगों से पहले आई यह खबर लाखों परिवारों के लिए आर्थिक राहत और आत्मविश्वास का नया रंग लेकर आई है।
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