लखनऊ: वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और हाईकोर्ट के अधिवक्ता अमीर हैदर ने बेंगलुरु में आयोजित एक विशेष समारोह में आध्यात्मिक गुरु रविशंकर से मुलाकात की। यह मुलाकात रविशंकर के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई। अमीर हैदर ने उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान दोनों के बीच कौमी एकता, आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
विविधता में एकता भारत की पहचान
समारोह को संबोधित करते हुए रविशंकर ने कहा कि कौमी एकता, आपसी विश्वास और भाईचारे की भावना भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि देश की असली पहचान उसकी विविधता में एकता से है।

उन्होंने कहा कि भारत में अलग-अलग धर्म, भाषाएं, संस्कृतियां और परंपराएं देश की खूबसूरती को बढ़ाती हैं। मौजूदा दौर में समाज में प्रेम, संवाद, सहिष्णुता और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देने की जरूरत है।
गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करने पर जोर
अमीर हैदर ने रविशंकर के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि देश और दुनिया में शांति, मानवीय मूल्यों और सामाजिक सद्भाव को लेकर उनका संदेश आज भी बेहद प्रासंगिक है।

उन्होंने कहा कि भारत की गंगा-जमुनी तहजीब और साझा सांस्कृतिक विरासत सदियों से देश की पहचान रही है। इसे मजबूत बनाए रखना समाज के हर वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है।
राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का लिया संकल्प

कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों से आए सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़े कई प्रमुख प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
समारोह का समापन राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की भावना को और मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।
