बजट आया, यूपी चमका! Action भी, Announcement भी

गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश कर एक बार फिर साफ कर दिया कि सरकार की प्राथमिकता सिर्फ आंकड़े नहीं, narrative भी है।
भ्रष्टाचार पर सख्ती, संस्थागत पारदर्शिता और सामाजिक कल्याण—तीनों को एक ही बजट में साधने की कोशिश दिखी।

भ्रष्टाचार पर Tight Grip

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करने के लिए लोकपाल को अगले वित्तीय वर्ष में स्थापना और निर्माण से जुड़े खर्चों के लिए 30 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
वहीं Central Vigilance Commission (CVC) को 2026-27 के लिए 54.56 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
सटायर में कहें तो—अब भ्रष्टाचार के लिए excuses कम और निगरानी ज्यादा होगी।

यूपी बना बजट का सेंटर स्टेज

इस बजट में उत्तर प्रदेश को सिर्फ “बड़ा राज्य” नहीं, बल्कि रणनीतिक राज्य की तरह ट्रीट किया गया है। Infrastructure, health, women empowerment और jobs—चारों फ्रंट पर यूपी को फ्रंट-लाइन में रखा गया है।

हर जिले में ट्रॉमा सेंटर

स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यूपी के सभी जिलों में इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर खोलने का प्रस्ताव रखा गया है। मतलब सड़क हादसा हो या गंभीर बीमारी—इलाज अब “रेफर” शब्द पर नहीं अटकेगा।

वाराणसी से देश, देश से दुनिया

रेल कनेक्टिविटी में यूपी को मेगा बूस्ट मिला है। वाराणसी रिंग रोड हाइब्रिड रेल कॉरिडोर। वाराणसी–दिल्ली हाईस्पीड रेल कॉरिडोर और वाराणसी से सिलीगुड़ी तक हाईस्पीड रेल सेवा।

सीधे शब्दों में—काशी अब सिर्फ आध्यात्मिक नहीं, logistical hub भी बनेगी।

Women Power को Market और Safety

महिला सशक्तिकरण के लिए बजट में नई सोच दिखी है। ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘श्री मार्ट’, ताकि उनके उत्पाद सीधे बाजार तक पहुंचें। हर जिले में वर्किंग वुमन हॉस्टल, ताकि नौकरी सुरक्षा की चिंता से न रुके। यह empowerment सिर्फ नारा नहीं, ecosystem बनाने की कोशिश है।

UP = Tech & Industry Hub?

तकनीक और उद्योग के मोर्चे पर भी यूपी को बड़ी सौगात मिली है। देश का पहला Semiconductor Design & Manufacturing Park यूपी में। Lucknow में AI City, Varanasi में Integrated Logistic Hub

यानी अब यूपी सिर्फ खेती नहीं, chip और code की जमीन भी बनेगा।

गांव, कारीगर और दिव्यांग—सब शामिल

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव है, जिससे खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट को वैश्विक बाजार से जोड़ा जाएगा।
दिव्यांगजनों के लिए ‘दिव्यांग सहारा योजना’, AI-based कृत्रिम अंग और पीएम दिव्याशा केंद्रों को मजबूत करने का भी ऐलान हुआ है।

कुल मिलाकर बजट 2026 में उत्तर प्रदेश सिर्फ beneficiary नहीं, बल्कि growth engine के रूप में उभरा है। सरकारी भाषा में—“समग्र विकास” और राजनीतिक भाषा में—“यूपी इज़ द की।”

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