
जंग सिर्फ मिसाइलों से नहीं लड़ी जाती…कभी-कभी टैक्स भी हथियार बन जाते हैं। ईरान से टकराव के बीच अब
Donald Trump ने अपनी नजरें घुमा दी हैं—सीधे चीन पर। और ये सिर्फ बयान नहीं…50% टैरिफ की धमकी है।
क्या है पूरा मामला?
Islamabad में US-ईरान वार्ता फेल होते ही टेंशन ने नया मोड़ ले लिया। China ईरान को एयर डिफेंस सिस्टम देने की तैयारी में है। जवाब में ट्रंप- “अगर पकड़े गए… तो 50% टैरिफ तय है।”
ट्रंप का सीधा संदेश
Fox News इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, शक है कि चीन ऐसा करेगा लेकिन अगर किया… तो भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। साथ ही ऑफर भी दिया चीन अमेरिका या वेनेजुएला से सस्ता तेल खरीद सकता है।
डील का ऑफर भी… और धमकी भी—डिप्लोमेसी का ये नया स्टाइल है।
कानूनी पेंच: टैरिफ लगाना इतना आसान नहीं
मामला यहीं खत्म नहीं होता। Supreme Court of the United States पहले ही कई टैरिफ फैसलों को अवैध ठहरा चुका है। अब ट्रंप नए कानूनों का सहारा ले रहे हैं। कांग्रेस को बायपास करने की कोशिश।
पुराना रिकॉर्ड: पहले भी खेल चुके हैं टैरिफ कार्ड
पहले 125% टैरिफ लगाया फिर घटाकर 30% किया अब नया दांव: 50%, टैरिफ यहां हथियार नहीं… पूरा युद्ध तंत्र है।
शी जिनपिंग मीटिंग: असली क्लाइमेक्स बाकी
जल्द ही ट्रंप की मुलाकात होगी Xi Jinping से, बीजिंग में।
चीन का दावा उसने ही ईरान को सीजफायर के लिए मनाया। लेकिन अब माहौल तनाव, शक और दबाव से भरा हुआ है। मीटिंग टेबल पर मुस्कान होगी… लेकिन अंदर शतरंज चलेगी।
यह अब सिर्फ ईरान बनाम अमेरिका नहीं रहा— यह बन चुका है US vs China का अगला अध्याय। गोली चलने से पहले… टैरिफ चल चुका है—और इसका असर ज्यादा गहरा होता है।
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