गाजियाबाद। पति-पत्नी के बीच घूंघट को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तलाक की दहलीज तक पहुंच गया है। मामला गाजियाबाद के परिवार परामर्श केंद्र का है, जहां एक विवाहिता ने शादी के महज दो दिन बाद ही ससुराल पक्ष पर घूंघट करने का दबाव बनाने की शिकायत दर्ज कराई थी।
भोजपुर निवासी ममता (बदला हुआ नाम) की शादी करीब एक वर्ष पहले राजस्थान के अलवर निवासी अंकुर (बदला हुआ नाम) से हुई थी। ममता का आरोप है कि शादी के बाद से उस पर लगातार घूंघट करने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसे उसने अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप बताया।
विवाद के दौरान महिला ने साफ कहा, “अगर मैं घूंघट करूंगी तो पति भी हर समय शेरवानी पहनकर घूमें।” इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद और बढ़ गए।
परिवार परामर्श केंद्र में कई दौर की काउंसलिंग और समझौता प्रयास किए गए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। अंततः दोनों पक्षों ने समझौते से इनकार कर दिया और मामला परामर्श केंद्र से बंद कर अदालत भेज दिया गया। अब दोनों ने तलाक की अर्जी दाखिल कर दी है।
आधुनिक जीवनशैली से जुड़े विवाद बढ़े
परामर्श केंद्र के काउंसलर्स के अनुसार, हाल के वर्षों में वैवाहिक जीवन में पारंपरिक सोच और आधुनिक जीवनशैली के टकराव से जुड़े मामलों में तेजी आई है। कपड़ों की पसंद, व्यक्तिगत स्वतंत्रता, सोशल मीडिया और जीवनशैली को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ रहे हैं।
जींस-टीशर्ट पहनने पर विवाद
एक अन्य मामले में विवाहिता ने शिकायत की कि ससुराल में उसे जींस-टीशर्ट जैसे वेस्टर्न कपड़े पहनने की अनुमति नहीं दी जा रही थी और उस पर साड़ी पहनने का दबाव बनाया जा रहा था। काउंसलिंग के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
इंस्टाग्राम रील बनी कलह की वजह
एक पति ने शिकायत की कि उसकी पत्नी दिनभर इंस्टाग्राम रील बनाने और वीडियो कॉल पर व्यस्त रहती है, जिससे पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा है। इस मामले में भी काउंसलिंग के बाद समझौता कराया गया।
लाइफस्टाइल में अंतर से टूटा रिश्ता
वसुंधरा के एक शिक्षित दंपति के बीच भी जीवनशैली को लेकर विवाद बढ़ गया। पति देर रात तक जागने और अव्यवस्थित रहने का आदी था, जबकि पत्नी अनुशासित और व्यवस्थित जीवन चाहती थी। दोनों ने समझौते से इनकार करते हुए अलग होने का निर्णय लिया।
परामर्श केंद्र का कहना है कि वैवाहिक विवादों में अब पारंपरिक पारिवारिक मुद्दों के साथ-साथ व्यक्तिगत स्वतंत्रता, सोशल मीडिया और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े मतभेद भी प्रमुख कारण बनकर सामने आ रहे हैं।
