Pulwama: मजदूर का बेटा Tausif बना IAS, गांव में हुआ हीरो जैसा स्वागत

Prabhash Bahadur civil services mentor
Prabhash Bahadur Civil Services Mentor

दक्षिण कश्मीर का Pulwama अक्सर खबरों में किसी और वजह से आता रहा है। लेकिन इस बार वहां की गलियां जश्न, ढोल और फूलों की बारिश से गूंज उठीं। कारण था एक युवा की सफलता।

मजदूर के बेटे Tausif Ahmad Gani ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर वह कर दिखाया, जिसे पूरा जिला एक ऐतिहासिक उपलब्धि मान रहा है।

पुलवामा की सड़कों पर ‘हीरो’ जैसा स्वागत

रविवार को जब तौसीफ पहली बार यूपीएससी रिजल्ट के बाद अपने गांव पहुंचे, तो नजारा किसी जीत के जुलूस जैसा था। गांव वालों, रिश्तेदारों और दोस्तों ने सड़क के दोनों तरफ कतारें लगा दीं। फूलों की बारिश, ढोल की थाप और नारे…हर तरफ बस एक ही नाम गूंज रहा था तौसीफ।

कई लोगों की आंखों में खुशी के आंसू भी दिखाई दिए।

मजदूर पिता का सपना हुआ पूरा

तौसीफ की कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है। यह उस संघर्ष की कहानी है जहाँ एक मजदूर पिता ने अपने बेटे की पढ़ाई के लिए दिन-रात मेहनत की। तौसीफ खुद कहते हैं “मेरे पिता ने मजदूरी की ताकि मैं पढ़ सकूं। आज जो भी हूं, अपने माता-पिता की कुर्बानी और शिक्षकों के मार्गदर्शन की वजह से हूं।”

युवाओं के लिए बड़ा संदेश

तौसीफ ने गांव के युवाओं को साफ संदेश दिया सपने मत छोड़ो। उनका कहना है कि अगर एक छोटे गांव से निकलकर वह यह मुकाम हासिल कर सकते हैं, तो कोई भी कर सकता है।

पुलवामा की पहचान बदलती कहानी

पुलवामा का नाम अक्सर संघर्ष और झड़पों की खबरों में सामने आता रहा है। लेकिन तौसीफ की सफलता ने इस जिले को एक नई पहचान दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी को पढ़ाई और करियर की ओर प्रेरित करेगी।

नई पीढ़ी की उम्मीद

शिक्षा और युवा भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए सरकार और स्थानीय संस्थान लगातार कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में तौसीफ की सफलता सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए उम्मीद का प्रतीक बन गई है।

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