सत्ता बदली, बम फूटे! बांग्लादेश में फिर गूंजे ‘जिहाद चाहिए’ के नारे

आवामी लीग सरकार के जाते ही ऐसा लगता है जैसे बांग्लादेश के कुछ ‘पुराने दोस्त’ वापस छुट्टियों से लौट आए हैं — लेकिन इस बार नारे और पोस्टर के साथ! ढाका की बैतुल मुकर्रम मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के बाद का नज़ारा देखकर किसी को भी लगेगा कि जिहाद अब सार्वजनिक सभा का नया फैशन हो गया है। नारेबाज़ी: “कौन हैं हम? मिलिटेंट, मिलिटेंट!” हिज्ब उत-तहरीर, विलायाह बांग्लादेश, अंसार अल-इस्लाम, और जमात-ए-इस्लामी जैसे आतंकी संगठन अब “अंडरग्राउंड” नहीं रहे। नहीं, ये लोग किसी गुफा से नहीं बल्कि मस्जिद के…

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