दिल्ली दंगा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक ऐसा फैसला सुनाया, जिसने कानूनी बहस को संवैधानिक दर्शन में बदल दिया। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा— “देश की अखंडता, नागरिक अधिकारों से ऊपर है।” इसी टिप्पणी के साथ कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी। किन्हें राहत, किन्हें नहीं? जहां एक तरफ अन्य 5 आरोपियों को जमानत दी गई, वहीं कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि— “उमर खालिद और शरजील इमाम का केस बाकी आरोपियों से अलग है।” यानी कानून में…
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