1970 में रिलीज़ हुई ‘प्रेम पुजारी’ देव आनंद की डायरेक्टोरियल डेब्यू थी। फिल्म में उन्होंने न सिर्फ़ डायरेक्शन किया बल्कि स्क्रिप्ट लिखी और खुद हीरो भी बन गए — मतलब one-man army। लेकिन कहानी में ट्विस्ट ये था कि ऑडियंस ने फिल्म को देखा ही नहीं!जी हां, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई, मगर इसका संगीत ऐसा चला कि आज भी हर लव प्लेलिस्ट में “फूलों के रंग से” और “शोखियों में घोला जाए” बजता ही है। रोमांस, देशभक्ति और स्पाई थ्रिलर का मिक्स मसाला लेफ्टिनेंट रामदेव…
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