शहीद (1965) रेट्रो रिव्यू: भगत सिंह पर बनी सबसे प्रामाणिक देशभक्ति फिल्म

“तिरंगा सिर पर, पगड़ी जट्टा सम्हाल रे!” — ये कोई मेटा-फोर्स डायलॉग नहीं, बल्कि 60s की वो देशभक्ति थी जो आज भी रोंगटे खड़े कर दे। असेंबली में बम और कैमरे में क्रांति शुरुआत होती है इंडिया के 1911 से — जहां भगत सिंह अपने चाचा अजित सिंह की गिरफ़्तारी देखता है और बचपन से ही क्रांति का Zoom-Call join कर लेता है। लाला लाजपत राय की मौत हो, या असेम्बली में धमाका, भगत सिंह की एंट्री हैट के साथ होती है — literally! और फिर आती है फांसी की…

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रेट्रो रिव्यू हकीकत : जब देशभक्ति और बलिदान के सीन गूंजे थे स्क्रीन पर

1964 में बनी “हकीकत”, एक ऐसी फिल्म थी जिसने न केवल युद्ध की कच्ची सच्चाई दिखायी, बल्कि भारतीय सैनिकों की वीरता, उनके बलिदान और संघर्ष को भी स्क्रीन पर जीवंत किया। अगर आप सिनेमा के शौकिन हैं और अभी तक “हकीकत” नहीं देखी, तो मानो आप बॉलीवुड के उस खास दौर से अंजान हैं, जब हर फिल्म एक ज़िंदगी के रूप में बनती थी। फिल्म का संघर्ष: युद्ध या तो आप जीतते हैं, या फिर एक नई कहानियाँ बनाते हैं! चेतन आनंद द्वारा निर्देशित इस फिल्म की कहानी 1962 के…

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