जनाजे में पहुंचे जयशंकर, लेकिन युनूस से नहीं मिले—Diplomacy में Silence

बांग्लादेश की राजनीति के एक लंबे अध्याय का अंत हो गया। पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया को अंतिम विदाई देने के लिए ढाका में देश-विदेश से नेता पहुंचे। माहौल भावुक था, लेकिन हर आंख भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर पर टिकी हुई थी। कारण साफ था— जयशंकर सिर्फ श्रद्धांजलि देने नहीं आए थे, वो बिना बोले बहुत कुछ कहने आए थे। Final Goodbye में भारत की मौजूदगी ढाका एयरपोर्ट पर जयशंकर का स्वागत भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने किया। अंतिम संस्कार में वह भारत सरकार और 140…

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“हादी चले गए, सवाल छोड़ गए: जनाजे में उमड़ा सैलाब, इंसाफ की गूंज”

बांग्लादेश की सियासत आज उस वक्त भारी हो गई जब इक़बाल मंच के युवा नेता उस्मान हादी को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। मणिक मिया एवेन्यू से लेकर कब्रिस्तान तक मानो जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों लोग—युवा, बुजुर्ग, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता—हादी को आख़िरी सलाम देने पहुंचे। “इंसाफ चाहिए” के नारों से गूंजा इलाका जनाजे के दौरान सिर्फ आंसू नहीं थे, बल्कि इंसाफ के नारे भी थे। भीड़ का साफ संदेश था— “हादी की शहादत को बेकार नहीं जाने देंगे।” यह जनाजा सिर्फ एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि राजनीतिक चेतावनी भी बन गया।…

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