दिल्ली… वो शहर जो कभी नहीं सोता, लेकिन रविवार की शाम सीमापुरी में जो हुआ, उसने पूरी राजधानी को सन्नाटे में डाल दिया। एक 15 साल की बच्ची—जिसके हाथों में किताबें होनी चाहिए थीं—खून से लथपथ सड़क पर पड़ी थी। और हमलावर? वो खुद अपनी कहानी खत्म करने के लिए आग में जल रहा था। ये सिर्फ एक क्राइम नहीं… ये सिस्टम, समाज और सुरक्षा—तीनों पर एक करारा तमाचा है। कैसे हुआ ये खौफनाक हमला? रविवार शाम करीब 5:15 बजे, सीमापुरी थाना क्षेत्र की गलियों में अचानक चीखों की आवाज…
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