भारतीय राजनीति का पुराना गणित कहता है—दिल्ली की कुर्सी का रास्ता उत्तर प्रदेश और बिहार से होकर गुजरता है। यही वजह है कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं, नेताओं के कदम भी इन राज्यों की जमीन पर तेजी से पड़ने लगते हैं। लेकिन कभी-कभी राजनीतिक दांव ऐसा उल्टा पड़ जाता है कि जिस चाल से तालियां मिलने की उम्मीद होती है, वही चाल सवालों के घेरे में आ जाती है। राजधानी लखनऊ में कांशीराम जयंती के कार्यक्रम में राहुल गांधी की मौजूदगी के बाद कुछ ऐसा ही सियासी तूफान खड़ा…
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