उसे निकाला भी नहीं गया… और उसे रहने भी नहीं दिया गया। यही सियासत का सबसे खतरनाक जोन है—जहां आदमी technically सिस्टम का हिस्सा होता है, लेकिन practically उसकी आवाज गायब कर दी जाती है। Raghav Chadha आज उसी सियासी लिम्बो में खड़े हैं, जहां presence है, लेकिन power नहीं। यह विवाद नहीं… यह कंट्रोल बनाम खतरे की जंग है। नियम का जाल: क्यों नहीं निकाल पा रहे? यहां असली कहानी कानून लिखता है, भावना नहीं। Arvind Kejriwal चाहें भी तो सीधे चड्ढा को बाहर नहीं कर सकते, क्योंकि पार्टी…
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