लखनऊ के एक छोटे से घर में रात के 11 बजे भी टीवी बंद नहीं हुआ। रईस अहमद हर आधे घंटे में मोबाइल उठाकर दुबई में काम कर रहे अपने भाई फैज़ का व्हाट्सऐप आखिरी बार चेक करते हैं।” विदेश में काम कर रहे बच्चों की आवाज़ सुनते ही घरों में राहत की सांस आती है। डर है, लेकिन भरोसा भी है। भरोसा इस बात पर कि Narendra Modi की सरकार अपने नागरिकों को कभी अकेला नहीं छोड़ती। जंग का साया, घरों में बेचैनी उत्तर भारत के कई परिवारों की…
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