जमीन मेरी, कब्जा उनका… और पुलिस? कासगंज में सिस्टम का ‘काला सच’

कागजों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की सरकार है… लेकिन ज़मीन पर ‘फुल टॉलरेंस’ का खेल चल रहा है। कासगंज के एक किसान की कहानी सिर्फ उसकी नहीं—ये उस सिस्टम की एक्स-रे रिपोर्ट है, जहां न्याय फाइलों में फंसता है और दबंग ट्रैक्टर चढ़ाकर हकीकत लिखते हैं। एक अकेला किसान… चार दिन से फर्द लेकर दफ्तर-दफ्तर भटक रहा है। उधर, उसकी जमीन पर कब्जा करने वाले दबंग आराम से ‘कानून’ को चाय पिला रहे हैं। सवाल सीधा है—क्या कानून वाकई अंधा है, या आंखें बंद करने का ठेका दे दिया गया है?…

Read More

सराय माली खां Ground Reality: जहां कानून मुड़ते ही गायब हो जाता है

हरदोई रोड से जैसे ही आप सराय माली खां की ओर मुड़ते हैं, शहर का सिस्टम वहीं ठहर जाता है। मोड़ पर ही ई-रिक्शा का बेतरतीब जमावड़ा आपका स्वागत करता है — और हैरानी की बात यह कि ठीक उसी मोड़ पर पुलिस चौकी मौजूद है। चौकी है, लेकिन चौकसी नहीं। कानून है, लेकिन लागू कहीं नहीं। पुलिस चौकी के साए में अव्यवस्था आगे बढ़िए तो सड़क नहीं, बल्कि अव्यवस्थित खोमचों की कतारें मिलती हैं। पैदल चलने वालों के लिए कोई जगह नहीं, एम्बुलेंस की तो कल्पना ही छोड़ दीजिए। यह…

Read More