एक घर… जहां पिता अपनी बेटी के लिए सबसे बड़ा सहारा होता है। लेकिन Chandrapur की इस कहानी में वही रिश्ता खून से नहीं, जहर से लिखा गया। एक मिल्कशेक… एक भरोसा… और फिर अचानक मौत। तीन साल तक सब कुछ सामान्य दिखता रहा—लेकिन अंदर ही अंदर एक साजिश सुलगती रही, जो आखिरकार फट पड़ी। पुलिस परिवार से निकली खौफनाक साजिश यह कोई आम क्राइम स्टोरी नहीं है। आरोपी बेटी खुद पुलिस विभाग का हिस्सा थी, और उसके पिता—हेड कॉन्स्टेबल जयंत बल्लावार—सिस्टम का हिस्सा रह चुके थे। लेकिन वर्दी का…
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