पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस वक्त ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां आटा-दाल की कीमतें आसमान छू रही हैं और सरकार अपने नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया कराने में नाकाम दिख रही है।IMF लोन, विदेशी मदद और ‘दोस्त देशों’ की खैरात—आज पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इन्हीं बैसाखियों पर चल रही है। “भीख मांगते हैं, शर्म आती है”—PM शहबाज का खुला कबूलनामा एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने वो कह दिया, जो आमतौर पर नेता कैमरे के सामने नहीं कहते।उन्होंने स्वीकार किया कि “जब फील्ड मार्शल आसिम मुनीर…
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