कभी-कभी लोकतंत्र सिर्फ वोट से नहीं… आवाज़ से भी मापा जाता है। और नेपाल की संसद में इस बार जो होने जा रहा है, वो सिर्फ शपथ नहीं—एक सांस्कृतिक सिम्फनी है। Nepal की संसद में 274 सांसद जब शपथ लेंगे, तो वहां सिर्फ संविधान की पंक्तियां नहीं गूंजेंगी… बल्कि 17 अलग-अलग भाषाओं की आत्माएं बोलेंगी। शपथ का मंच: परंपरा + प्रयोग का संगम संवैधानिक नियम साफ है—हर सांसद को सदन में बैठने से पहले शपथ लेनी होती है। लेकिन इस बार यह प्रक्रिया “रूटीन” नहीं… “रिवोल्यूशन” बन गई है। सबसे वरिष्ठ सांसद…
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