चुनाव से पहले डेटा का दरवाज़ा टूटा! I-PAC पर ED की रेड

चुनाव से ठीक पहले अगर डेटा कंपनियों के दरवाज़े खटखटाए जाएं, तो समझ लीजिए मामला सिर्फ कागज़ों का नहीं—कहानी ‘पावर’ की है।पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तापमान बढ़ गया है। इस बार कोई भाषण नहीं, कोई रैली नहीं… बल्कि सीधे ‘डेटा के दिमाग’ पर हमला हुआ है।प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी ने I-PAC को केंद्र में ला खड़ा किया है—वही I-PAC जो चुनावों की शतरंज में चालें चलता है, मोहरे सजाता है और नैरेटिव गढ़ता है। छापेमारी या सियासी टाइमिंग? दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद—तीन शहर, एक साथ…

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20 करोड़, 6 हाथ, हवाला और चुनाव! ED बनाम I-PAC में सियासी तूफान

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता हाई कोर्ट में दायर याचिका में ऐसा दावा किया है जिसने बंगाल से लेकर गोवा तक सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।ED के मुताबिक, कोयला तस्करी से हुई अवैध कमाई के लगभग 20 करोड़ रुपये हवाला नेटवर्क के जरिए छह अलग-अलग हाथों से गुजरते हुए इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) के गोवा ऑफिस तक पहुंचे। ED का दावा है कि इस रकम का इस्तेमाल 2021-22 के गोवा विधानसभा चुनावों के दौरान राजनीतिक मैनेजमेंट और चुनावी खर्च में किया गया। 2,742 करोड़ की कोयला कमाई,…

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ED आई, ममता आईं, सियासत भड़की—IPAC रेड ने बंगाल में आग लगा दी!

पश्चिम बंगाल की राजनीति गुरुवार को उस वक्त उबाल पर आ गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में राजनीतिक रणनीतिकार संस्था IPAC के दफ्तर पर छापेमारी की। यह वही IPAC है, जिसे तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव 2026 के लिए हायर किया है। रेड खत्म होते-होते मामला सिर्फ जांच एजेंसी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ED बनाम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सीधी टक्कर में बदल गया। ED का दावा: हवाला और कोयला तस्करी का लिंक ED के मुताबिक, यह कार्रवाई PMLA के तहत पश्चिम बंगाल और दिल्ली में कुल…

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