जब बाप बना विलेन और बेटा बना इंसाफ: ‘जल्लाद’ ने 90s सिनेमा हिला दिया

90 के दशक की उन फिल्मों में से एक ‘जल्लाद’ सिर्फ एक action-revenge drama नहीं है, बल्कि यह उस दौर की political hypocrisy और moral decay का कड़वा सिनेमाई आईना है।TLV प्रसाद के निर्देशन में बनी यह bilingual फिल्म (Hindi-Bengali) दर्शकों को एक ऐसा सवाल थमा देती है, जिसका जवाब आसान नहीं— अगर गुनहगार खुद आपका पिता हो, तो इंसाफ किसे कहा जाए? Kranti Kumar: Duty पहले, Blood बाद में क्रांति कुमार एक ऐसा police officer है जो किताबों में लिखे आदर्शों से बाहर निकलकर उन्हें जीता है। South India…

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Aashiqui Review: मोहब्बत, जिसने Bollywood Music को अमर बना दिया

आज के दौर में जहाँ प्यार का भविष्य Last Seen और Block List तय करती है, वहीं Aashiqui (1990) हमें उस ज़माने में ले जाती है जब मोहब्बत दिल से निकलकर सीधे कैसेट में रिकॉर्ड होती थी। महेश भट्ट की यह फिल्म सिर्फ़ एक लव स्टोरी नहीं, बल्कि 90s की Emotional Economy का सबसे बड़ा प्रोडक्ट थी। यह वही दौर था जब लोग प्यार में पड़ने से पहले नहीं, प्यार में पड़ने के बाद सोचते थे। Storytelling: Romance With Rebellion फिल्म का नायक राहुल (Rahul Roy) एक ऐसा नौजवान है…

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Vishwatma Movie Review: 90s की ग्लोबल फिल्म जिसने ट्रेंड बदल दिया

1992 में रिलीज़ हुई ‘विश्वात्मा’ सिर्फ एक एक्शन फिल्म नहीं थी, बल्कि यह उस दौर का ऐलान थी जब बॉलीवुड ने लोकल से ग्लोबल होने का सपना देखा. राजीव राय के निर्देशन में बनी यह फिल्म Kenya में शूट होने वाली पहली भारतीय फिल्म थी — और यही इसे इतिहास में दर्ज करती है. कहानी: बदला, बॉर्डर और ब्रदरहुड फिल्म की कहानी इंस्पेक्टर प्रभात सिंह (सनी देओल) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कानून और बदले के बीच फंसा एक ईमानदार अफसर है.अमरीश पुरी का अजगर जुर्राट उस दौर का परफेक्ट…

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