“अजीब दास्तां है ये…” – मीना कुमारी ने स्क्रीन पर मोहब्बत को अमर बना दिया

1960 का दशक — जब सिनेमा में इमोशन, शालीनता और संगीत का स्वर्ण युग था। इसी दौर में आई किशोर साहू की क्लासिक ड्रामा फिल्म ‘दिल अपना और प्रीत पराई’, जहां राजकुमार का गंभीर चेहरा, मीना कुमारी की नम आँखें और नादिरा की जलन भरी मुस्कान ने मोहब्बत को एक मेडिकल मेटाफर में बदल दिया। कहानी — जब ड्यूटी और दिल में हुआ टकराव डॉ. सुशील वर्मा (राजकुमार) एक सर्जन हैं, जो अपने परिवार और जिम्मेदारियों में उलझे हैं। उनकी जिंदगी में आती है करुणा (मीना कुमारी) — एक नर्स…

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