देवदास 1955: जब दिलीप कुमार ने ‘दर्द’ को एक्टिंग बना दिया!

1955 की देवदास सिर्फ़ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के emotional syllabus का अनिवार्य पाठ है। शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास पर आधारित ये फिल्म बिमल रॉय की निर्देशन कला और दिलीप कुमार की संजीदा अदाकारी का ऐसा संगम है जिसे देखकर आज भी दिल टूटता है और आंखें नम हो जाती हैं। प्यार, समाज और चिट्ठियों के बीच पिसता देवदास कलकत्ता से लौटा देवदास (दिलीप कुमार), गांव की पारो (सुचित्रा सेन) से बचपन का प्यार चाहता है… पर जात-पात, समाज, और पारो के पिताजी की ego-powered शादी प्लानिंग…

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शराबी 1964: देव आनंद और मधुबाला का क्लासिक ड्रामा

1964 में बनी शराबी फिल्म, जो हिंदी सिनेमा की एक अनमोल धरोहर है, राज ऋषि के निर्देशन में आई थी। इस फिल्म में देव आनंद और मधुबाला ने अपनी अदाकारी से दिल जीत लिया। मदन मोहन का संगीत और राजेन्द्र कृष्ण के गीतों ने इसे और भी खास बना दिया। कहानी फ़िल्म की कहानी केशव (देव आनंद) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक शराबी है और गरीबी की मार झेल रहा है। पिता के निधन के बाद वह खुद को बदलने का वादा करता है, लेकिन जीवन की कठोरता उसे…

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ऐसा प्यार कहाँ रिव्यू: भाई-बहन के प्यार पर आधारित रक्षाबंधन स्पेशल क्लासिक

1986 में बनी फिल्म “ऐसा प्यार कहाँ” एक ऐसी भावनात्मक रोलरकोस्टर है जो भाई-बहन के रिश्ते को नमकीन आंसुओं और मीठे बलिदानों से भर देती है। ये फिल्म उस दौर की है जब भावनाएं CGI से नहीं, चेहरे की भावभंगिमा से बताई जाती थीं।निर्देशक विजय सदाना ने हमें एक ऐसी कहानी दी जिसमें “अन्ना” सिर्फ सुपरस्टार नहीं, बलिदान का पर्याय है। ये फिल्म नहीं, राखी की कसमें है! सागर और पूजा – भाई-बहन का वो जोड़ा जो एक-दूसरे के लिए कुछ भी कर सकता है। और “कुछ भी” का मतलब…

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बैजू बावरा रेट्रो रिव्यू: जब सुरों से हुआ प्रतिशोध | क्लासिक म्यूज़िकल का जादू

1952 में जब बैजू बावरा रिलीज़ हुई, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि संगीत से भी बदला लिया जा सकता है। लेकिन बैजू ने ये करके दिखाया — और वो भी तानसेन से! अगर आज कोई कहे “मैं राग भैरवी में तेरा सर्वनाश कर दूंगा”, तो शायद ब्रेकअप कर ले… लेकिन तब ये डायलॉग क्लाइमेक्स था। भारत भूषण की एक्टिंग और मीना कुमारी की मासूमियत बैजू बने भारत भूषण — चेहरे पर संगीत का दर्द और आँखों में मुरली का जूनून। और मीना कुमारी? जैसे राग यमन को…

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पहले सुपरस्टार की 10 दिलचस्प बातें | Tribute to Rajesh Khanna

18 जुलाई 2012, वह दिन जब भारत ने अपने पहले सुपरस्टार को खोया। राजेश खन्ना, जिन्हें फैन्स ने ‘काका’ कहा, वो सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे – वो महसूस थे। आइए आज उनकी याद में जानते हैं उनके जीवन के कुछ खास और दिलचस्प किस्से — जो उन्हें बनाते हैं ‘Pasha of Passion’ और भारत का पहला सुपरस्टार। यूपी में स्वच्छता का महाकुंभ! लखनऊ-प्रयागराज-गोरखपुर ने मारी बाजी 1. “डिंपल” से “आशीर्वाद” तक – एक बंगले की फिल्मी कहानी राजेश खन्ना ने अभिनेता राजेन्द्र कुमार से एक बंगला खरीदा जिसका नाम…

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‘चलती का नाम गाड़ी’ रेट्रो रिव्यू – बॉलीवुड क्लासिक जो आज भी दिलों में है

जब हम बॉलीवुड की क्लासिक फिल्मों की बात करते हैं, तो 1958 की ‘चलती का नाम गाड़ी’ हमेशा याद आती है। सत्येन बोस द्वारा निर्देशित इस फिल्म में मधुबाला, अशोक कुमार, किशोर कुमार और अनूप कुमार जैसे दिग्गज कलाकारों ने अभिनय किया था। यह फिल्म न केवल उस दौर का एक शानदार संगीतमय कॉमेडी हिट थी, बल्कि आज भी बॉलीवुड के चाहने वालों के बीच एक क्लासिक के रूप में पहचानी जाती है। मां ने की शाहरुख़ को फंसाने की साजिश, लिव-इन पार्टनर ने खोला राज कहानी: साधारण, लेकिन मजेदार…

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