नई दिल्ली: घरेलू हिंसा से जुड़े एक मामले में दिल्ली की साकेत सत्र अदालत ने महिलाओं की निजता और सम्मान को लेकर अहम टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि किसी महिला के देर रात किसी पुरुष से फोन पर बातचीत करने मात्र से उसके चरित्र पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। अदालत ने यह भी माना कि आधुनिक भारतीय समाज में महिलाओं के पेशेवर और सामाजिक संबंधों को संकीर्ण नजरिए से नहीं देखा जा सकता। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शुनाली गुप्ता ने अपने आदेश में कहा कि भारत अब…
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