“पत्रकार या पार्टी के जयकारे? चलिए, प्रकोष्ठ में समायोजन कर देते हैं!”

आजकल कुछ पत्रकारों की सोशल मीडिया प्रोफाइल पर राजनैतिक दलों के जयकारे और चरण चाटने वाले स्टेटस की भरमार देखने को मिल रही है। ये वही लोग हैं जो खुद को “खांटी पत्रकार” कहते हैं, लेकिन उनके व्यवहार से तो ऐसा लगता है कि वे किसी पार्टी के PR एजेंट ज्यादा हैं। सोशल मीडिया पर जयकारा या पत्रकारिता? राजनीतिक दलों के लिए खुलकर समर्थन करना आज के पत्रकारिता जगत का नया ट्रेंड बन गया है। ट्विटर हो या फेसबुक, इन पत्रकारों के स्टेटस देखकर लगेगा जैसे कोई पार्टी मीटिंग चल…

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नए नगर आयुक्त का नया “नियम तंत्र”: पत्रकारों के लिए पर्ची, सवालों के लिए मौन!

पहले जहां लखनऊ नगर निगम के दरवाज़े पत्रकारों के लिए खुले रहते थे, अब वहां ताला भले न लगा हो, “पर्ची सिस्टम” जरूर लगा दिया गया है। नए नगर आयुक्त गौरव कुमार ने पदभार ग्रहण करते ही मीडिया से बातचीत पर लगाम कस दी है। पुतिन ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की, भारत को दिया आतंकवाद के खिलाफ पूरा समर्थन “सवाल नहीं, सिर्फ जिलाधिकारी की बाइट” नगर आयुक्त गौरव कुमार ने पत्रकारों के सवालों पर साफ कह दिया, “नगर आयुक्त मीडिया को प्रतिक्रिया देने के लिए अधिकृत नहीं हैं।…

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