
गुजरात के सूरत से एक ऐसा केस सामने आया, जो किसी थ्रिलर से कम नहीं! यहां पुलिस सब-इंस्पेक्टर शीतल चौधरी ने 30 लाख के कार फ्रॉड में फरार गिरीश देवड़ा को पकड़ने के लिए एक फिल्मी स्क्रिप्ट रच डाली। गिरीश ने बैंक से लोन लेकर फॉर्च्यूनर कार खरीदी, फिर उसे बेचकर मोबाइल ऑफ कर फरार हो गया।
पुलिस जब तक पहुंची — साहब व्हाट्सएप पर “last seen recently” दिखाकर छुपे बैठे थे!
ऑपरेशन ‘पूजा’ — जब पुलिस ने पहना इमोशन का मास्क
PSI शीतल ने ठान लिया कि अब ये रोमांस वाला केस ही बनेगा! उन्होंने खुद को ‘पूजा’ नाम की लड़की बताकर गिरीश से चैट शुरू की। 25 दिन तक चली यह बातचीत धीरे-धीरे ‘Hi’ से ‘I love you’ तक पहुंच गई। और फिर गिरीश बोला — “चलो मिलते हैं बेबी।”
(बस, पुलिस टीम बोली — “हां हां, मिलते हैं… लेकिन लॉकअप में!”)
फिल्मी एंडिंग: जब ‘पूजा’ निकली PSI शीतल चौधरी!
गिरीश जैसे ही सूरत के पर्वत पाटिया पहुंचा, वहां फूल नहीं, हथकड़ी लेकर खड़ी थी ‘वर्दी वाली पूजा’ यानी PSI शीतल चौधरी। गिरीश की आंखों के सामने जब रियलिटी शो शुरू हुआ — तो रोमांस का मूड बदलकर “अरे मॅडम, गलती हो गई!” तक पहुंच गया।
सिर्फ वही नहीं, उसका साथी कुलदीप सोलंकी भी साथ में पकड़ लिया गया।
कहानी से सबक — अगर चैट में ‘मिस यू’ आए, तो पहले ‘CID यू’ चेक कर लो!

PSI शीतल चौधरी का ये ऑपरेशन सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पुलिस की इमोशनल इंटेलिजेंस और स्मार्ट स्ट्रेटजी का शानदार उदाहरण है। अब सोशल मीडिया पर उन्हें ‘लेडी सिंघम ऑफ सूरत’ कहा जा रहा है — और जनता कह रही है: “ऐसे ऑफिसर हों तो रोमांस भी ड्यूटी बन जाए!”
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