
महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया, जब फडणवीस सरकार में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया. इस दुखद घटना ने सिर्फ NCP ही नहीं, बल्कि पूरे सत्ता संतुलन को हिला दिया है.
अजीत पवार के जाने से डिप्टी CM की कुर्सी खाली हो गई है — और राजनीति में खाली कुर्सी ज़्यादा देर खाली नहीं रहती, ये महाराष्ट्र भली-भांति जानता है.
चर्चा में सबसे आगे: Sunetra Pawar
राजनीतिक गलियारों में सबसे तेज़ी से जो नाम उभरा है, वो है सुनेत्रा पवार. अजीत पवार की पत्नी, अनुभवी संगठनकर्ता और मौजूदा राज्यसभा सांसद — ऐसे में सवाल लाजमी है: क्या फडणवीस सरकार में सुनेत्रा पवार को मिल सकती है एंट्री?
Politics Runs in Blood
सुनेत्रा पवार का राजनीति से रिश्ता सिर्फ शादी तक सीमित नहीं है. वे पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्मसिंह पाटिल की बेटी हैं, 1985 में अजीत पवार से विवाह, बेटे: पार्थ पवार और जय पवार यानी राजनीति उनके लिए ‘नई पिच’ नहीं, बल्कि होम ग्राउंड है.
लोकसभा हारी, लेकिन राज्यसभा जीती
2024 में सुनेत्रा पवार ने बारामती लोकसभा सीट से सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ा — हार मिली, लेकिन कहानी वहीं खत्म नहीं हुई. कुछ ही महीनों बाद वे NCP कोटे से निर्विरोध राज्यसभा सांसद बन गईं. राजनीति में इसे कहते हैं: Plan-B, but Power-Ready.
Politics से आगे भी पहचान
सुनेत्रा पवार सिर्फ नेता की पत्नी नहीं हैं:

- Baramati Textile Company की Chairperson
- EFOI (Environmental Forum of India) की Founder-CEO
- Vidya Pratishthan Trust की Trustee
- Savitribai Phule Pune University Senate Member
ग्रीन वॉरियर अवॉर्ड भी उनके नाम है — यानी प्रोफाइल सिर्फ पॉलिटिकल नहीं, कॉर्पोरेट + सोशल भी है.
विवाद और क्लीन चिट
2011 के Maharashtra State Cooperative Bank केस में सुनेत्रा पवार का नाम भी सामने आया था. लेकिन EOW ने जांच के बाद उन्हें पूरी तरह क्लीन चिट दे दी. राजनीति में आरोप लगना आम है, टिकना नहीं — यही फर्क बनाता है.
अब असली सवाल
अजीत पवार के बाद क्या NCP कोटे से सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा? या फिर पार्टी कोई नया चेहरा आगे लाएगी?
फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में एक नाम सबसे ज्यादा गूंज रहा है — Sunetra Pawar.
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