
महाराष्ट्र की राजनीति में शोक, रणनीति और सत्ता—तीनों एक ही फ्रेम में नजर आ रहे हैं। NCP के वर्किंग प्रेसिडेंट प्रफुल्ल पटेल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर पार्टी के डेवलपमेंट और फ्यूचर रोडमैप की जानकारी दी।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पार्टी अजित पवार के निधन के बाद नए नेतृत्व की ओर तेज़ी से बढ़ रही है।
10 फरवरी: शुद्धक के बाद सत्ता का शपथ-पथ
जानकारी के मुताबिक, 9 फरवरी को अजित पवार के निधन के बाद 10वें दिन (शुद्धक) की रस्में पूरी होंगी।
इसके ठीक अगले दिन यानी 10 फरवरी को कैबिनेट मीटिंग प्रस्तावित है, जिसके बाद सुनेत्रा पवार के डिप्टी मुख्यमंत्री (DCM) पद का चार्ज संभालने की उम्मीद है।
राजनीतिक गलियारों में इसे सिर्फ एक पदभार नहीं, बल्कि NCP के पावर ट्रांजिशन का औपचारिक ऐलान माना जा रहा है।
चार्ज लेते ही दिल्ली दरबार?
DCM पद संभालने के बाद सुनेत्रा पवार के दिल्ली दौरे की भी पूरी संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, वह राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकती हैं।
यानी महाराष्ट्र की राजनीति का अगला अध्याय सीधे दिल्ली के सेंट्रल पावर कॉरिडोर में लिखा जाएगा।

राजनीति में भावनाएं निजी होती हैं, लेकिन टाइमिंग हमेशा राजनीतिक। एक ओर अजित पवार के जाने का शोक, तो दूसरी ओर पार्टी की मशीनरी पूरी तरह एक्टिव जैसे सियासत कह रही हो: “Pause allowed, Stop not permitted.”
अजित पवार के बाद NCP भावनाओं से नहीं, फैसलों से आगे बढ़ रही है। 10 फरवरी सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में नई पावर इक्वेशन की शुरुआत हो सकती है।
वहीँ एनसीपी के यूपी अध्यक्ष हरिश्चंद्र सिंह ने कहा, पार्टी इस समय अपार दुःख का सामना कर रही है। अजित दादा का जाना एक बड़ा शुन्य पैदा कर गया है। ये शुन्य कभी भरा नहीं जा सकता लेकिन अब हम दादा के मिशन के लिए जी जान लगा देंगे।
