
अमेरिका की ओर से भारत सहित कई देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाए जाने के बाद भारतीय शेयर बाजार ने लाल निशान के साथ दिन की शुरुआत की। निवेशकों की उम्मीदें कुछ राहत की थीं, लेकिन US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने उन्हें फिर टेंशन मोड में डाल दिया।
BSE Sensex और NSE Nifty, दोनों इंडेक्स गिरावट के साथ खुले, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप में सपाट रुख दिखा। इस वैश्विक दबाव ने भारत के मार्केट सेंटीमेंट को हिला दिया है — और अब निवेशक सोच रहे हैं, “अब आगे क्या?”
बाजार की ओपनिंग – लाल निशान से हुई शुरुआत
भारतीय शेयर बाजार ने 31 जुलाई 2025 को गिरावट के साथ ट्रेडिंग की शुरुआत की। सुबह 9:15 बजे तक:
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निफ्टी 50 0.14% गिरकर 24,734.9 पर
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सेंसेक्स 0.14% गिरकर 81,074.41 पर पहुंच गया।
कहने को मामूली गिरावट, लेकिन निवेशकों का चेहरा देखकर लगेगा जैसे LIC ने ‘सैलरी कटौती योजना’ शुरू कर दी हो।
टैरिफ की तबाही – अमेरिका की “Made in Confusion” पॉलिसी
गिरावट की बड़ी वजह रही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा, जिसमें उन्होंने:
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भारत से आयात पर 25% टैरिफ फिर से दोहराया
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कनाडा पर टैरिफ 35% तक बढ़ा दिया
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ताइवान और थाईलैंड को भी ‘ट्रेडी ट्रीटमेंट’ दे दिया
मतलब ये कि अब सेब भी महंगे मिलेंगे, और स्टॉक भी लाल मिलेंगे।

कौन-कौन से सेक्टर में आई कमजोरी?
BSE के 16 सेक्टरों में से 12 लाल निशान पर दिखे। वहीं:
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Midcap और Smallcap शेयरों में सपाट कारोबार
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निवेशकों के पोर्टफोलियो की हालत – “EMI निकल गई, लेकिन रिटर्न नहीं आया”
बाजार की मनोस्थिति – “ट्रंप बोले चलो फिर से टैरिफ लगाते हैं”
बाजार को उम्मीद थी कि भारत-अमेरिका के बीच बातचीत के बाद कुछ राहत मिलेगी, लेकिन ट्रंप साहब ने फिर से 25% टैरिफ दोहरा दिया।
गुरुवार को बाजार 0.9% तक गिरा, लेकिन बाद में थोड़ा उबरकर 0.4% की गिरावट पर बंद हुआ।
निवेशक बोले – “पॉजिटिव सेंटिमेंट मिल रहा है, लेकिन बस ट्विटर पर!”
अब आगे क्या?
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भारत और अमेरिका के बीच अगर टैरिफ टकराव बढ़ा
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और डोनाल्ड ट्रंप का मूड कुछ और बिगड़ा तो अगली गिरावट सीधा मिडकैप-लार्जकैप के दिलों को हिला सकती है।
“बाजार का भरोसा अब वेंटीलेटर पर”
जब अमेरिका टैरिफ की तलवार लहराता है, तो भारतीय बाजार सबसे पहले गिरने का कॉन्ट्रैक्ट साइन कर देता है।
निवेशकों के पोर्टफोलियो अब “कमजोर दिल वालों के लिए नहीं” जैसे नोटिस के साथ चल रहे हैं। ब्रोकर्स का कहना है कि जब तक ट्रंप सुबह उठकर कुछ न ट्वीट करें, तब तक बाजार में स्थिरता संभव नहीं।
आज बाजार के हाल देखकर यही कहा जा सकता है – “ना बैंकिंग बचा, ना मेटल चमका… टैरिफ में तो FMCG भी फिसला!”
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