
Sources संग्रहीत नहीं—लेकिन ‘सूत्रों के हवाले’ से बड़ी ख़बर यह निकलकर आई है कि RSS या संघ (कहीं अभी तक नज़र नहीं लगी!) चाहता है कि अगली पारी में नितिन गडकरी प्रधानमंत्री बनें और योगी आदित्यनाथ गृह मंत्री.
क्या यह मोदी‑शाह युग का ‘ऑफिशियल एंड’ है?
इतना तो तय है कि यह ऐलान सुनते ही राजनीतिक मिरर वाले बोले –
“प्राइम मिनिस्टर पद बदलने का मतलब होगा: मोदी‑शाह का ‘रिटायर्ड टू बैकग्राउंड’ मोड!”
अगर संघ सच में इस दिशा में है, तो यह कोई छोटा सीस नहीं—बल्कि BJP के सुनियोजित उत्तराधिकार की पहली स्केचिंग हो सकती है।
गडकरी–योगी का जोड़ीफा—मतलब क्या?
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नितिन गडकरी, जिनका इन्फ्रास्ट्रक्चर में रिकॉर्ड ट्रैक (एक्सप्रेसवे मैन) रहा है, हो सकते हैं “द बिजनेस फ़्रेंडली पीएम”
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वहीं योगी आदित्यनाथ, जिनकी छवि “बुलडोज़र बाबा” की है, गृह मंत्रालय सँभालते हुए कानून‑व्यवस्था का नया ‘धर्मयुद्ध’ शुरू कर सकते हैं—एकदम फ़िल्मी अंदाज़ में।
जनता की राय भी है चोपड़ी—सर्वे में गडकरी तीसरे नंबर पर
सर्वे के अनुसार, मोदी के जाने पर लोग चाहते हैं:

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अमित शाह,
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योगी आदित्यनाथ,
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और फिर गडकरी तो हां, यह रिपोर्ट पूरी तरह संयोग नहीं लगती।
अब कुछ यूँ समझिए—RSS का फ्रेमवर्क इतनी जल्दी जमा नहीं होता:
“जय श्री राम बाद, सिविल सर्विसीज़ में योगी बाबू का ‘Home Ministry exam’ होगा, और Gadkari सर इन्फ्रास्ट्रक्चर पीएचडी के लिए जा रहे हैं!”
वास्तविकता में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया—इसलिए अभी यह महज़ राजनीतिक “ड्रामा‑ड्राफ्ट” जैसा है।
