
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को स्कॉटलैंड के टर्नबेरी में आमने-सामने होंगे। इस मुलाकात को महज ‘राजनीतिक शिष्टाचार’ न मानिए — क्योंकि टेबल पर रखा मुद्दा ग़ज़ा की तबाही है।
सूत्रों के अनुसार, स्टार्मर ट्रंप के सामने ग़ज़ा युद्धविराम और मानवीय सहायता की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताएंगे और क्षेत्रीय सहयोग पर बातचीत करेंगे।
युद्धविराम की पहल: स्टार्मर का संदेश अमेरिका तक
ग़ज़ा में बढ़ते मानवीय संकट के बीच ब्रिटेन यह स्पष्ट करना चाहता है कि वह केवल दर्शक नहीं, बल्कि संकट समाधान में भागीदार बनना चाहता है। स्टार्मर इस मुलाकात में अमेरिका की भूमिका को ‘सराहनीय’ बताते हुए युद्धविराम को स्थायी बनाने के सुझाव दे सकते हैं।
“ब्रिटेन सिर्फ हाथ नहीं मल रहा, अब मुट्ठी बांधकर शांति की कोशिश में लगा है।” – एक वरिष्ठ विश्लेषक की टिप्पणी
इसराइल की ‘रणनीतिक रोक’ और हमास की अपील
इसराइल ने ग़ज़ा के कुछ हिस्सों में सैन्य गतिविधियों पर रणनीतिक रोक की घोषणा की है ताकि मानवीय सहायता पहुँचाई जा सके। इसके तुरंत बाद हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह अपील की कि
-
घायलों को तत्काल बाहर निकालने के लिए स्थायी रास्ते बनाए जाएं
-
दवाइयों और खाद्य आपूर्ति को बिना देरी ग़ज़ा पहुँचाया जाए

ग़ज़ा के स्वास्थ्य प्रमुख मुनीर अल-बर्श ने कहा,
“ये समय जान बचाने का है, राजनीति बाद में।”
सिर्फ ग़ज़ा नहीं, रूस-यूक्रेन भी एजेंडे पर
इस अहम मुलाकात में रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। ब्रिटेन चाहता है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप रूस को लेकर सख्त रुख अपनाएं।
ट्रंप की पिछली नीतियां विवादों में रही हैं, और अब स्टार्मर उन्हें वर्तमान वास्तविकताओं से जोड़ने की कोशिश करेंगे।
व्यापार की बात भी होगी, लेकिन शांति पहले
हालांकि दोनों नेता ब्रिटेन-अमेरिका व्यापार संबंधों को नई दिशा देने पर भी बात कर सकते हैं, लेकिन ग़ज़ा और यूक्रेन संकट ही प्राथमिक मुद्दे रहेंगे।
“अब व्यापार का मौसम नहीं, दुनिया में युद्ध का तूफ़ान है।” — यह मुलाकात उसी तूफ़ान में उम्मीद की किरण खोजने की कोशिश है।
