आज से सत्र का संग्राम: बाहर ठंड, अंदर गर्मी… PM के टिप्स, विपक्ष के तीर!

सुरेन्द्र दुबे ,राजनैतिक विश्लेषक
सुरेन्द्र दुबे ,राजनैतिक विश्लेषक

दिल्ली की ठंडी सुबह में संसद भवन के बाहर हल्की धुंध थी, लेकिन सियासी तापमान 30 नवंबर से ही हाई हो चुका था।
1 दिसंबर को संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होते ही माहौल ऐसा था जैसे “नवंबर की ठंड और दिसंबर की बहस—दोनों एक साथ हमला बोल रहे हों।”

कुल 19 दिन, 15 बैठकों और दर्जनों राजनीतिक तीरों के बीच यह सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है।

PM मोदी का हंस द्वार पर संदेश: ‘ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए’

सत्र से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 10 बजे हंस द्वार पर मीडिया से मुखातिब हुए।
उनका सीधा Message:

  • “सदन नारेबाजी की जगह नहीं है।”
  • “विपक्ष खुद की हार का ग़ुस्सा सदन में न निकाले।”
  • “जनता के मुद्दों पर चर्चा होगी तो सरकार साथ देगी।”

PM का यह संकेत साफ था—यह सत्र विकास, नीति और राष्ट्रहित के एजेंडे पर केंद्रित होना चाहिए।

लेकिन विपक्ष भी अपनी तैयारी में पूरा चार्ज होकर आया था।

विपक्ष का पलटवार: ‘SIR पर बहस चाहिए, नहीं तो हंगामा होगा’

कांग्रेस और कई विपक्षी दलों ने सत्र की शुरुआत से पहले ही घोषणा कर दी थी कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को मुख्य मुद्दा बनाएंगे।

उनके आरोप:

  • मतदाता सूची में मनमानी
  • BLO की मौतें
  • वोटरों को हटाए जाने का विवाद
  • चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग

आप सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत कार्य स्थगन नोटिस तक दे डाला।

मतलब साफ— इस बार संसद में ठंडी हवा चले न चले, आरोप-प्रत्यारोप की गर्म हवा जरूर चलेगी।

आज पेश हो सकते हैं ये बड़े बिल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में दो अहम बिल पेश करेंगी:

  1. केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक 2025
  2. स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक 2025

इसके अलावा पूरे सत्र में ये बड़ी सूची:

  • जन विश्वास संशोधन विधेयक
  • दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता संशोधन
  • राष्ट्रीय राजमार्ग संशोधन
  • बीमा कानून संशोधन
  • कॉर्पोरेट कानून संशोधन
  • प्रतिभूति बाजार संहिता (SMC)
  • भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विधेयक
  • परमाणु ऊर्जा विधेयक

सरकार का टार्गेट—इस सत्र में 14 बड़े बिल पास कराना।

सर्वदलीय बैठक में सरकार की अपील, विपक्ष की चेतावनी

30 नवंबर को हुई सर्वदलीय बैठक भी काफी दिलचस्प रही।

  • सरकार ने कहा—“सत्र शांतिपूर्वक चलाएं।”
  • विपक्ष ने कहा—“पहले SIR पर जवाब दो, तब आगे बात करेंगे।”

मतलब दोनों तरफ से तलवारें पहले ही निकल चुकी थीं।

PM मोदी की कांग्रेस को सलाह: ‘नारे लगाने के लिए पूरा देश खाली पड़ा है’

यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर छा गई।
PM ने कहा— “सदन में नारे नहीं, नीति चाहिए।नारे लगाने के लिए पूरा देश है… सदन में चर्चा होनी चाहिए।”

इस लाइन ने आधे नेताओं को मुस्कुराया और बाकी को नाराज़ किया—यानी राजनीति का परफेक्ट बैलेंस।

पहले दिन से ही हंगामे के पूरे आसार

ट्रिगर पॉइंट्स:

  • दिल्ली ब्लास्ट
  • SIR विवाद
  • कथित वोट चोरी
  • बिहार चुनाव मुद्दा
  • संविधान संशोधन बिल

इन सबके चलते पहले दिन से ही सदन में हलचल देखी जा सकती है।

लोकसभा का आज का एजेंडा

  • वित्त मंत्री सीतारमण का दो बड़े बिल पेश करना
  • विपक्ष की ओर से कई स्थगन प्रस्ताव
  • SIR पर तत्काल चर्चा की मांग

आज के दिन लोकसभा “कानून बनाना vs हंगामा मचाना”—दोनों मोड में जाने को तैयार है।

ठंड बाहर है, तूफ़ान संसद के भीतर है

शीतकालीन सत्र 2025 ऐसे समय में हो रहा है जब:

  • राजनीतिक माहौल गर्म
  • जन मुद्दे तेज
  • विपक्ष आक्रामक
  • सरकार बिल पास कराने को प्रतिबद्ध

आज का दिन केवल शुरुआत है— आगे आने वाले 18 दिन भारतीय लोकतंत्र की परीक्षा भी होंगे और राजनीतिक थ्रिलर भी!

पूर्वी चम्पारण में NIA की बड़ी दबिश! हवाला–फ्रॉड माफिया में हड़कंप

Related posts

Leave a Comment