
पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में कुदरत ने एक बार फिर विकराल रूप दिखाया है। अचानक आए बादल फटने, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की त्रासदी में अब तक कम से कम 51 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
कौन-कौन से इलाके हुए प्रभावित?
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ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह के कई जिले
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पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की नीलम घाटी
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पर्वतीय इलाके जहां बाढ़ के साथ मलबा भी बहा
मलबे में दबे लोग, बहते घर – हालात बेहद गंभीर
बाढ़ और भूस्खलन से कई घर तबाह हो चुके हैं। कुछ लोग मलबे में दबे हैं, कई लोग बाढ़ के पानी में बह गए हैं। लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है और रेस्क्यू टीमें दिन-रात राहत अभियान में जुटी हैं।

550 पर्यटक बचाए गए, 300+ अब भी फंसे
पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की आपदा प्रबंधन एजेंसी (SDMA) के अनुसार, नीलम घाटी में अब तक 550 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया है, लेकिन 300 से ज़्यादा अभी भी फंसे हुए हैं। लगातार बारिश और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के कारण राहत कार्यों में भारी चुनौती आ रही है।
मानसून बना मुसीबत, सैकड़ों मौतें पहले ही हो चुकीं
पाकिस्तान में जून से मानसून सीजन शुरू होने के बाद से अब तक सैकड़ों लोग जान गंवा चुके हैं। हर साल की तरह इस बार भी तैयारी अधूरी दिख रही है, और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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