
Old Lucknow की पहचान उसकी तहज़ीब, भीड़ और रौनक से होती है, लेकिन इन दिनों Kakkad Park चौपटिया से संदोहन माता मंदिर और वहां से Nakhas Chauraha या सहादतगंज तक की सड़कें किसी heritage नहीं, बल्कि hazard zone बन चुकी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क अब “चलने लायक” नहीं, बल्कि झेलने लायक बची है।
हर मीटर पर इम्तिहान
इस पूरे रूट पर सब्जजी की दुकानें, अतिक्रमण कुछ ऐसा है कि दोपहिया हो या पैदल यात्री हर किसी को रोज़ का एडवेंचर पैकेज मुफ्त में मिल रहा है।
“यह सड़क नहीं, नगर निगम की patience test series है।”
एंबुलेंस से लेकर दुकानदार तक परेशान
स्थानीय दुकानदारों और रहवासियों के मुताबिक एंबुलेंस और ई-रिक्शा फंस जाते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत। कारोबार पर भी सीधा असर। कई लोगों का कहना है कि शिकायतें तो हुईं, लेकिन ground पर कहीं दिख नहीं रही।

प्रशासन की चुप्पी, लोगों का सवाल
सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतने व्यस्त और संवेदनशील इलाके की सड़कें अतिक्रमण के भरोसे छोड़ दी गईं? Old Lucknow जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में ये सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि safety issue भी है।
Ground Reality Wrap
“जहां शहर की शान शुरू होती है, वहीं से सड़क खत्म हो जाती है। Old Lucknow की ये सड़कें तुरंत एक्शन मांग रही हैं।
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