“मेडल के सपने और होटल का कमरा: कोच पर शर्मनाक आरोप”

शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

भारत के खेल तंत्र पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नोएडा की एक नाबालिग नेशनल-लेवल महिला शूटर ने अपने ही नेशनल कोच अंकुश भारद्वाज पर यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। यह मामला न सिर्फ अपराध है, बल्कि उस सिस्टम पर तमाचा भी है जो “गुरु-शिष्य परंपरा” की आड़ में चुप्पी ओढ़े रहता है।

मैच डिस्कशन के नाम पर होटल बुलाने का आरोप

पीड़िता के अनुसार, वह वर्ष 2016 से दिल्ली की करणी सिंह शूटिंग रेंज में अभ्यास कर रही है। वर्ष 2025 में बेहतर प्रदर्शन के लिए उसने कोच अंकुश भारद्वाज से प्रशिक्षण लेना शुरू किया।
16 दिसंबर 2025, नेशनल लेवल मैच के बाद कोच ने उसे सूरजकुंड के एक 5-स्टार होटल की लॉबी में मिलने के लिए बुलाया—कथित तौर पर मैच फीडबैक के बहाने।

कमरे के भीतर आरोपित हरकतें

शिकायत में आरोप है कि होटल में कोच उसे जबरन अपने कमरे में ले गया। वहां शारीरिक छेड़छाड़ और जबरदस्ती की गई। विरोध करने पर कोच ने करियर खत्म करने की धमकी दी।
यह वही डर है, जो अक्सर खिलाड़ियों को खामोश कर देता है—मेडल बनाम सम्मान

21 दिन की चुप्पी, फिर मां को बताया सच

लोक-लाज, सामाजिक दबाव और करियर के डर के चलते पीड़िता करीब 21 दिन तक दहशत में रही। अंततः उसने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद 6 जनवरी को फरीदाबाद NIT महिला थाना में FIR दर्ज कराई गई।

POCSO के तहत केस, कोच फरार

फरीदाबाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट और रेप की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार होटल के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं, होटल स्टाफ के बयान दर्ज, पीड़िता की काउंसलिंग जारी, आरोपी कोच फरार, तलाश तेज।

NRAI की त्वरित कार्रवाई

मामला सामने आते ही National Rifle Association of India (NRAI) ने आरोपी कोच अंकुश भारद्वाज को सस्पेंड कर दिया।
हालांकि सवाल बना हुआ है— “क्या कार्रवाई हमेशा FIR के बाद ही होगी?”

तीखा सवाल, कड़वा सच

यह मामला सिर्फ एक कोच का नहीं, बल्कि उस पूरे इकोसिस्टम का है जहां पावर इम्बैलेंस खिलाड़ियों को असुरक्षित बनाता है। अगर देश को चैंपियन चाहिए, तो पहले सुरक्षित खेल माहौल देना होगा—वरना मेडल के पीछे छुपे जख्म कभी नहीं भरेंगे।

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