
हर साल लाखों स्टूडेंट्स NEET की तैयारी करते हैं, लेकिन जब मेहनत के बाद भी सीट नहीं मिलती तो तनाव होना स्वाभाविक है। ऐसा लगता है मानो मेडिकल करियर का दरवाज़ा बंद हो गया हो। पर हकीकत ये है कि MBBS ही सब कुछ नहीं है! मेडिकल फील्ड में कई ऐसे कोर्स हैं जो बिना NEET के भी किए जा सकते हैं, वो भी कम सिलेबस, कम फीस और अच्छे करियर स्कोप के साथ। तो चलिए जानते हैं NEET के बिना किए जाने वाले आसान मेडिकल कोर्स, जो 12वीं के बाद आपके लिए ऑप्शन बन सकते हैं।
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बीएससी नर्सिंग – सेवा, सम्मान और स्टेबल करियर
बैचलर ऑफ साइंस इन नर्सिंग एक ऐसा कोर्स है जो सिर्फ जॉब ही नहीं, एक सेवा का अवसर भी देता है। इसकी अवधि 4 साल होती है, जिसमें 6 महीने की इंटर्नशिप भी शामिल होती है। कुछ कॉलेज इसमें दाखिले के लिए एंट्रेंस लेते हैं, लेकिन ज्यादातर कॉलेज 12वीं के अंकों के आधार पर एडमिशन देते हैं। इस कोर्स में मरीजों की देखभाल, अस्पताल प्रबंधन और हेल्थ सर्विस से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाती है। अगर आप लोगों की मदद करना चाहते हैं और “सुई” से डर नहीं लगता, तो ये कोर्स आपके लिए है।
बीएससी न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स – फिटनेस के साथ फ्यूचर
अगर आपको लोगों की फिटनेस, डायट और हेल्दी लाइफस्टाइल के बारे में जानकारी देना पसंद है, तो ये कोर्स आपके लिए परफेक्ट हो सकता है। इसकी अवधि 3 से 4 साल होती है और इसमें NEET की कोई जरूरत नहीं होती। PCB (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) वाले छात्र इसमें दाखिला ले सकते हैं। इस कोर्स के बाद आप हॉस्पिटल, फिटनेस सेंटर या प्राइवेट प्रैक्टिस कर सकते हैं। और हां, हेल्दी रहने का सीक्रेट भी फ्री में मिल जाता है!
बीएससी मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी – पर्दे के पीछे का सुपरहीरो
अगर आपको माइक्रोस्कोप, स्लाइड्स और टेस्ट रिपोर्ट से दोस्ती करनी है, तो यह कोर्स आपके लिए एकदम सही है। बीएससी इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी 3 से 4 साल का कोर्स है, जिसमें ब्लड टेस्टिंग, माइक्रोबायोलॉजी और क्लिनिकल डायग्नोसिस सिखाया जाता है। 12वीं में PCB पढ़ चुके छात्र इसमें आसानी से एडमिशन ले सकते हैं। यह कोर्स उन छात्रों के लिए बढ़िया है जो मरीजों से दूर रहकर भी हेल्थकेयर में योगदान देना चाहते हैं।
बैचलर ऑफ फार्मेसी – दवाओं की दुनिया का एक्सपर्ट
बैचलर ऑफ फार्मेसी एक 4 साल का कोर्स है, जिसमें दवाओं का निर्माण, वितरण और फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री से जुड़ी जानकारी दी जाती है। एडमिशन के लिए 12वीं में PCB के साथ 50% अंक होना जरूरी है। इस कोर्स के बाद आप अस्पताल, मेडिकल कंपनी या खुद की मेडिकल शॉप भी चला सकते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसमें मेडिकल लाइन का हिस्सा भी बनते हैं और डॉक्टर के प्रेशर से भी बचे रहते हैं।

बैचलर ऑफ फिजियोथेरपी – चलो उठो, दौड़ो और हड्डियों को संभालो
अगर आप हेल्थ और फिटनेस के शौकीन हैं और मरीजों की मूवमेंट, मसल्स और रीहैब पर काम करना पसंद करते हैं, तो बैचलर ऑफ फिजियोथेरपी (BPT) आपके लिए है। इसकी अवधि 4.5 साल होती है जिसमें इंटर्नशिप भी शामिल है। इसमें आप स्पोर्ट्स इंजरी, एक्सीडेंट रिकवरी और फिजिकल थेरेपी सिखते हैं। कई हॉस्पिटल और स्पोर्ट्स टीम ऐसे एक्सपर्ट्स को हायर करते हैं। करियर भी फुर्तीला और नाम भी बनता है!
बैचलर इन बायोटेक्नोलॉजी और अन्य डिप्लोमा कोर्स – विज्ञान का कमाल
अगर आपको बायोलॉजी और टेक्नोलॉजी दोनों में रुचि है, तो बायोटेक्नोलॉजी आपके लिए सुपरचॉइस हो सकता है। इसके अलावा आप मेडिकल लैब, एक्स-रे, रेडियोलॉजी, ओटी टेक्नीशियन जैसे डिप्लोमा कोर्स भी चुन सकते हैं। ये कोर्स छोटे होते हैं (1–2 साल), कम खर्च वाले होते हैं और जल्दी नौकरी लगवाते हैं। खास बात ये है कि इसमें NEET की कोई जरूरत नहीं होती और करियर भी अच्छा बनता है।
NEET नहीं निकला, पर ज़िंदगी में ब्रेक नहीं लगा
तो दोस्तों, अगर NEET में सफलता नहीं मिली, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। मेडिकल करियर सिर्फ MBBS तक ही सीमित नहीं है। नर्सिंग, फार्मेसी, फिजियोथेरपी, लैब टेक्नोलॉजी और न्यूट्रिशन जैसे कोर्स भी कम समय, कम पैसे और अच्छे जॉब स्कोप के साथ एक बेहतरीन विकल्प हैं। तो अब अगली बार कोई कहे “NEET नहीं निकला?”, तो मुस्कुरा कर कहिए — “कोई बात नहीं, मेरा करियर फिर भी हिट है!”
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