राहुल गांधी मानहानि केस में नया मोड़: जिला अदालत ने ट्रायल कोर्ट से मांगे रिकॉर्ड, वॉयस सैंपल विवाद पर 5 जून को सुनवाई

सुलतानपुर: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से जुड़े कथित मानहानि मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के वॉयस सैंपल को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया में नया घटनाक्रम सामने आया है। राहुल गांधी का वॉयस सैंपल तलब किए जाने की मांग वाली अर्जी खारिज होने के खिलाफ दायर रिवीजन याचिका पर जिला अदालत ने ट्रायल कोर्ट से संबंधित रिकॉर्ड तलब कर लिए हैं। मामले की अगली सुनवाई अब 5 जून को होगी।

एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश राकेश की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने 2 मई को राहुल गांधी का वॉयस सैंपल लेने संबंधी आवेदन खारिज कर दिया था। इस आदेश को शिकायतकर्ता पक्ष ने सत्र न्यायालय में चुनौती दी है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संतोष पांडेय ने रिवीजन याचिका दाखिल की, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने निचली अदालत से मूल अभिलेख मंगाने का निर्देश दिया।

वॉयस सैंपल को लेकर कानूनी लड़ाई तेज

शिकायतकर्ता पक्ष के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि उन्होंने अदालत से राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेने और उसे मामले से संबंधित सीडी में दर्ज आवाज से विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में मिलान कराने की मांग की थी। उनका कहना था कि इससे मामले के तथ्यों की पुष्टि करने में मदद मिलेगी। हालांकि, मजिस्ट्रेट अदालत ने इस आवेदन को स्वीकार नहीं किया और उसे खारिज कर दिया था।

इसी आदेश के खिलाफ जिला अदालत में रिवीजन याचिका दाखिल की गई है। शनिवार को हुई सुनवाई में अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधीनस्थ न्यायालय से संबंधित रिकॉर्ड तलब कर लिया।

2018 की टिप्पणी से जुड़ा है मामला

यह मामला वर्ष 2018 में कर्नाटक के बेंगलुरु में आयोजित एक जनसभा से जुड़ा है। आरोप है कि 8 मई 2018 को राहुल गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले को आधार बनाते हुए भाजपा नेता विजय मिश्र ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था।

राहुल गांधी की ओर से वकालतनामा दाखिल

रिवीजन याचिका की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला अदालत में उपस्थित हुए और अपना वकालतनामा दाखिल किया। अदालत ने वकालतनामा स्वीकार करते हुए अधीनस्थ न्यायालय से संबंधित पत्रावली मंगाने का आदेश जारी किया।

अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से दायर निगरानी (रिवीजन) याचिका अपर सत्र न्यायाधीश, कक्ष संख्या-5 में विचाराधीन है। राहुल गांधी की ओर से अदालत में पक्ष रखते हुए उपस्थिति दर्ज कराई गई है।

5 जून को होगी अहम सुनवाई

जिला अदालत ने मामले की पत्रावली तलब करने के बाद रिवीजन याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 5 जून की तारीख निर्धारित की है। वहीं, मूल मानहानि वाद अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है और उसकी अगली सुनवाई 17 जून 2026 को तय है। अब सभी की नजरें 5 जून को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां वॉयस सैंपल से जुड़े विवाद पर आगे की कानूनी दिशा स्पष्ट हो सकती है।

 

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