
27 सितंबर को षष्ठी तिथि की शुरुआत के साथ ही नवरात्रि के छठे दिन का शुभ आगाज हो जाएगा। 28 सितंबर 2025 को मां कात्यायनी की विधिवत पूजा की जाएगी — यानी वही देवी जिनकी कृपा से शादी में देरी की घड़ी हो जाती है जल्दी वाली ट्रेन!
मां कात्यायनी कौन हैं?
ऋषि कात्यायन की तपस्या से जन्मी देवी को कात्यायनी कहा जाता है। ये मां दुर्गा का छठा स्वरूप हैं और इनकी पूजा से भय, रोग और विवाह संबंधित बाधाएं दूर होती हैं।
पूर्वांचल के कई हिस्सों (UP, बिहार, झारखंड) में इन्हें ‘छठ मैया’ भी कहा जाता है — जी हां, वही जिनकी पूजा छठ पर्व में की जाती है, लेकिन थोड़ा सा अलग अवतार में।
षष्ठी तिथि और पूजा मुहूर्त (Navratri 2025)
षष्ठी तिथि प्रारंभ: 27 सितंबर 2025, दोपहर 12:06 बजे
षष्ठी तिथि समाप्त: 28 सितंबर 2025, दोपहर 2:28 बजे
पूजा मुख्य रूप से 28 सितंबर को की जाएगी।
मां कात्यायनी का स्वरूप
रंग: सोने जैसा दमकता
वाहन: सिंह
भुजाएँ: चार
एक हाथ में तलवार
एक में कमल
एक हाथ अभय मुद्रा में
और एक वरद मुद्रा में

Power Mode On: भय मिटे, रोग हटे, और आत्मबल दुगुना हो जाए।
शादी में हो रही देरी? तो मां कात्यायनी की जय बोलिए!
विवाह में बाधा आ रही है? रिश्ते बनते-बनते टूट रहे हैं? तो देर मत कीजिए — Navratri की षष्ठी को मां कात्यायनी का विशेष पूजन करें।
यह विशेष रूप से कन्याओं और उनके माता-पिता के लिए अत्यंत फलदायक होता है।
पूजा विधि & मंत्र (Mantra & Puja Vidhi)
मुख्य मंत्र:
दैनिक जाप के लिए:
क्लासिक मंत्र (शक्ति के लिए):
मां कात्यायनी को प्रिय भोग:
शहद, या शहद से बनी खीर (Tip: केले वाली खीर = Bonus Points!)
मां कात्यायनी का पसंदीदा रंग:
पीला रंग
पूजा में पीले कपड़े पहनें और पीले फूलों से मां को सजाएं।
आरती: जय जय अंबे जय कात्यायनी
बृहस्पतिवार को पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
“Swipe Right for Divine Match!”
मां कात्यायनी की पूजा Tinder, Bumble और Matrimonial Ads से कहीं ज्यादा असरदार है — बस श्रद्धा और सच्चे मन से करें आराधना।
मां कात्यायनी से मिलें शादी, स्वास्थ्य और शक्ति का Super Combo!
नवरात्रि का छठा दिन सिर्फ एक पूजा नहीं, दुनिया की सबसे पावरफुल मंगनी एप्लिकेशन है — वो भी बिना डेटा खर्च किए। तो देर किस बात की? इस षष्ठी पर मां कात्यायनी का आशीर्वाद लें और जीवन में लाएं स्थायित्व, शक्ति और सुख-शांति।
