
नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर Congress once again on the streets है। बुधवार को लखनऊ, अहमदाबाद समेत देश के कई शहरों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ ज़ोरदार प्रदर्शन किया। संसद परिसर से लेकर सड़क तक एक ही आरोप गूंजता रहा— “ED is being used as a political weapon.”
ED पूछताछ कर रही है, लेकिन सवाल ये है—कानून अपना काम कर रहा है या राजनीति अपना?
Parliament से सड़क तक प्रदर्शन
संसद में कांग्रेस सांसदों ने इस मुद्दे को लेकर जमकर नारेबाज़ी की, वहीं देशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि opposition voices को दबाने के लिए investigative agencies का misuse किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि यह मामला सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि political intimidation का symbol बन चुका है।
Congress का आरोप: Democracy Under Pressure
पार्टी का दावा है कि नेशनल हेराल्ड केस में कानून का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने ED कार्रवाई रोकने की मांग की और केंद्र सरकार पर “revenge politics” का आरोप लगाया।
Kharge का Counter Attack: Gandhi Family का खुला बचाव
Congress President Mallikarjun Kharge ने इस मुद्दे पर गांधी परिवार का खुलकर बचाव किया। उन्होंने कहा— “यह पूरा मामला सिर्फ गांधी परिवार को परेशान करने के लिए खड़ा किया गया है।”
खरगे ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठी सरकार जानबूझकर इस केस को आगे बढ़ा रही है, ताकि विपक्ष को डराया जा सके।
“No FIR, Only Pressure” – Kharge का दावा
खरगे ने यह भी कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में अब तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है, फिर भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का नारा ‘Satyamev Jayate’ है और पार्टी न्यायपालिका पर पूरा भरोसा रखती है।

उन्होंने ED की शिकायत पर अदालत द्वारा संज्ञान न लेने का हवाला देते हुए सवाल उठाया— अगर केस इतना मजबूत है, तो कोर्ट में टिक क्यों नहीं रहा?
Modi–Shah पर सीधा निशाना
खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर इस तरह के “baseless cases” के जरिए विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है, तो नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दोनों को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
“Investigation agencies strong हैं, लेकिन सवाल ये है—direction कौन दे रहा है?”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेशनल हेराल्ड केस अब सिर्फ legal battle नहीं रहा, बल्कि यह political narrative का हिस्सा बन चुका है।
Congress इसे democracy vs authoritarianism की लड़ाई बताने में जुटी है, जबकि BJP इसे कानून की सामान्य प्रक्रिया कहती है।
नेशनल हेराल्ड मामला अब कोर्ट से ज़्यादा political streets पर लड़ा जा रहा है। आगे देखना होगा कि यह लड़ाई कानूनी फैसले पर खत्म होती है या राजनीतिक ध्रुवीकरण को और तेज करती है।
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