एक युग का अंत! मोहसिना किदवई के निधन पर लखनऊ में भावुक माहौल

Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

देश की वरिष्ठ महिला नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री Mohsina Kidwai के निधन ने भारतीय राजनीति में एक बड़ा खालीपन छोड़ दिया है। उनकी सादगी, संघर्ष और समाज के प्रति समर्पण को याद करते हुए हर कोई भावुक नजर आया।

लखनऊ में शोक बैठक: श्रद्धांजलि का सैलाब

उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में Hemvati Nandan Bahuguna Smriti Samiti की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। यह बैठक प्रो0 Rita Bahuguna Joshi के आवास पर हुई, जहां समिति के सदस्यों ने एक स्वर में किदवई को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान किदवई को याद कर रीता बहुगुणा जोशी भावुक हो गई।

नेतृत्व और अध्यक्षता: वरिष्ठ चेहरों की मौजूदगी

बैठक की अध्यक्षता पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री Ammar Rizvi ने की। शोक प्रस्ताव में किदवई के योगदान को विस्तार से याद किया गया और उनके जीवन को प्रेरणादायक बताया गया।

50 साल की राजनीतिक विरासत

Mohsina Kidwai ने अपने 50 वर्षों से अधिक लंबे राजनीतिक जीवन में गरीबों, महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए निरंतर काम किया। वे न केवल एक सशक्त महिला नेता थीं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने और महिलाओं को सशक्त बनाने की मिसाल भी थीं।

महिला नेतृत्व की मजबूत आवाज

बहुगुणा ने कहा, भारत की शीर्ष महिला नेताओं में उनका नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा। उन्होंने अपने कार्यकाल में हर जिम्मेदारी को ईमानदारी और दक्षता से निभाया। उनका मधुर स्वभाव और कर्मठता उन्हें आम लोगों के बीच खास बनाती थी।

बहुगुणा युग से जुड़ी यादें

शोक प्रस्ताव में यह भी याद किया गया कि वर्ष 1974 में Hemvati Nandan Bahuguna के नेतृत्व वाली सरकार में किदवई को लघु उद्योग मंत्री के रूप में शामिल किया गया था। यह उनके राजनीतिक सफर का अहम मोड़ था, जिसने उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाई।

समाज सेवा और संगठन को नई दिशा

Hemvati Nandan Bahuguna Smriti Samiti के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनके नेतृत्व में देशभर में कई सामाजिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हुए। उनकी सोच और मार्गदर्शन ने संगठन को एक नई दिशा दी, जो आने वाले समय में भी प्रेरणा देता रहेगा।

अंतिम क्षणों में भी जनसंपर्क

रीता बहुगुणा जोशी ने कहा, उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंतिम समय तक उनसे मिलने के लिए प्रशंसकों और अनुयायियों का तांता लगा रहा। यह उनके प्रति लोगों के गहरे सम्मान और प्रेम को दर्शाता है।

Mohsina Kidwai का जाना सिर्फ एक नेता का जाना नहीं, बल्कि एक विचारधारा का विराम है। उनकी सादगी, संघर्ष और सेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेगी।

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