
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर मेरठ के लिए बड़ी खुशखबरी है। शहर अब उत्तर प्रदेश की पांचवीं मेट्रो सिटी बनने जा रहा है। सबसे खास बात, दिल्ली से मेरठ का सफर अब महज 55–60 मिनट में पूरा हो सकेगा। यानी जो दूरी पहले जाम में अटकती थी, अब स्पीड में सिमटेगी।
120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार – नया रिकॉर्ड
मेरठ मेट्रो की अधिकतम स्पीड 120 किमी प्रति घंटा होगी। अब तक भारत में सबसे तेज मेट्रो का रिकॉर्ड Delhi Airport Express Line के नाम था, जिसकी ऑपरेशनल स्पीड 110 किमी प्रति घंटा है।
मेरठ मेट्रो इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने जा रही है। अब मेरठ सिर्फ खेल और क्रांति के लिए नहीं, स्पीड के लिए भी जाना जाएगा।
21 किमी का कॉरिडोर, 12 स्टेशन
मेरठ मेट्रो कॉरिडोर मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम तक लगभग 21 किलोमीटर लंबा होगा। कुल 12 स्टेशन, हर स्टेशन पर ठहराव, पूरा सफर लगभग 30 मिनट। यह प्रोजेक्ट शहर के भीतर यात्रा समय को आधा कर देगा।
कनेक्टिविटी मजबूत होगी, रोजाना ऑफिस-आवागमन आसान होगा और ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।
नमो भारत के साथ साझा ट्रैक – भारत में पहली बार
यह भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है, जहां सिटी मेट्रो और सेमी-हाई-स्पीड नमो भारत (RRTS) ट्रेनें एक ही ट्रैक और इंफ्रास्ट्रक्चर साझा करेंगी। इस मॉडल से रीजनल और शहरी परिवहन का इंटीग्रेशन होगा। यानी एक ही कॉरिडोर पर लोकल और रीजनल दोनों की स्पीड स्मार्ट प्लानिंग का नया उदाहरण।
टेक्नोलॉजी + कम्फर्ट
मेरठ मेट्रो की खासियतें स्टेनलेस-स्टील हल्की बॉडी, फ्लोरोसेंट ग्रीन, ब्लू और ऑरेंज थीम, तीन-कोच एसी ट्रेन, 700+ यात्री क्षमता (173 सीटें), रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम, ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP), ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन (ATO).
साथ ही:
USB चार्जिंग पोर्ट
कुशन सीटें
लगेज रैक
महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों के लिए आरक्षित सीट
CCTV निगरानी
प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर
व्हीलचेयर और स्ट्रेचर स्पेस

अब सफर सिर्फ तेज नहीं, टेक-फ्रेंडली भी होगा।
शहर की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार
मेट्रो प्रोजेक्ट सिर्फ ट्रांसपोर्ट सुविधा नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों का इंजन भी माना जाता है। रियल एस्टेट, बिजनेस, एजुकेशन और इंडस्ट्रियल सेक्टर को इसका फायदा मिल सकता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि बेहतर कनेक्टिविटी निवेश को आकर्षित करती है।
उद्घाटन जल्द
अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री Narendra Modi जल्द इस मेट्रो सेवा का उद्घाटन कर सकते हैं। इसके साथ मेरठ आधिकारिक तौर पर यूपी की मेट्रो सिटी लिस्ट में शामिल हो जाएगा।
मेरठ की नई पहचान
मेरठ अब सिर्फ इतिहास और खेल प्रतिभा का शहर नहीं रहेगा यह अब हाई-स्पीड शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर का भी प्रतीक बनेगा।
और हां, अब दिल्ली-मेरठ सफर में सबसे बड़ा सवाल होगा “आज कितनी स्पीड से पहुंचे?”
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