Heatwave Alert: मार्च में ही 35°C पार, दिल्ली में टूटा 50 साल का रिकॉर्ड

Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

मार्च अभी शुरू ही हुआ है और मौसम का मिजाज पहले ही आग उगलने लगा है. दिल्ली समेत कई राज्यों में तापमान ऐसा चढ़ा है जैसे कैलेंडर ने सीधे मई का पन्ना खोल दिया हो. मौसम विभाग की चेतावनी साफ है, यह सिर्फ शुरुआत है. अगर हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले हफ्तों में देश के बड़े हिस्से को लू, उमस और तपिश के डबल अटैक के लिए तैयार रहना पड़ेगा.

मार्च में ही गर्मी का ‘ट्रेलर’

देश के कई हिस्सों में गर्मी ने समय से पहले ही एंट्री मार दी है. दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, पंजाब और उत्तराखंड जैसे राज्यों में मार्च के पहले सप्ताह में ही अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया.

महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में पारा तो सीधे 40°C के करीब पहुंच गया. मौसम वैज्ञानिक इसे आने वाले महीनों के लिए चेतावनी मान रहे हैं.

दिल्ली में टूटा 50 साल का रिकॉर्ड

राजधानी दिल्ली में इस बार गर्मी ने इतिहास की किताब पलट दी. 7 मार्च को अधिकतम तापमान 35.7°C दर्ज किया गया. यह पिछले 50 सालों में मार्च के पहले सप्ताह का सबसे गर्म दिन बन गया.

इससे पहले 1999 में 34.8°C और 2016 में 33.6°C का रिकॉर्ड दर्ज था. यानि इस बार मौसम ने पुराने आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया.

मार्च में ही हीटवेव क्यों?

मौसम विभाग के मुताबिक इसके पीछे कई कारण काम कर रहे हैं. राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से उठ रही गर्म हवाएं उत्तर भारत के मैदानों तक पहुंच रही हैं. ऊपर से तेज धूप और कम नमी ने तापमान को और ऊपर धकेल दिया है.

हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की तरफ बनी हुई है. इस वजह से वातावरण में नमी तेजी से कम हो रही है. जब सूखी हवा और तेज धूप मिलते हैं तो वही हालत बनती है जिसे लोग लू के थपेड़े कहते हैं.

दिल्ली में 15 मार्च तक कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में फिलहाल आसमान साफ है और तेज धूप पड़ रही है. अगले कुछ दिनों में तापमान 35 डिग्री के आसपास बना रहेगा फिर 1 से 2 डिग्री तक और बढ़ सकता है.

14 मार्च तक पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हल्के बादल दिख सकते हैं. लेकिन उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले सात दिनों तक तापमान सामान्य से 5 डिग्री तक ज्यादा रह सकता है.

गर्मी का असली इम्तिहान अभी बाकी

मौसम विशेषज्ञ साफ कह रहे हैं कि यह सिर्फ शुरुआत है. अगर मार्च में ही ऐसा हाल है तो अप्रैल और मई में हीटवेव की घटनाएं बढ़ सकती हैं.

यानी आने वाले महीनों में लू उमस और लंबे गर्म दिन लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं.

हम चाहते थे कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनें लेकिन…..?

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