
एक मित्र घर आए। चेहरे पर गंभीरता, आवाज़ में मिठास और दिमाग में कैलकुलेटर। बोले—“बहन के लिए लड़का देखना है… मालदार हो, एकलौता हो।”
हमने सोचा ठीक है, आजकल ‘स्टार्टअप पिच’ की तरह रिश्ते भी प्रेजेंट होते हैं। लेकिन असली पंचलाइन तो बाद में आई
“और अगर घर में सिर्फ बाप हो तो और भी अच्छा रहेगा… सास होगी तो दिनभर खून पीएगी।”
इतना कहते हुए वो हंस रहे थे। और सामने बैठी उनकी पत्नी मतलब भाभी जी के चेहरे के भाव कह रहे थे, “बेटा, आज घर चल… theory और practical दोनों समझाती हूँ।”
रिश्ता या Real Estate Deal?
आजकल शादी कम और investment ज्यादा लगती है।
Checklist देखिए:
मालदार
एकलौता
कम जिम्मेदारियां
No Saas Policy
मतलब दूल्हा चाहिए, लेकिन family ecosystem नहीं। यह वही सोच है जहां “परिवार” सिर्फ WhatsApp DP तक सीमित है, असल जिंदगी में extra members liability बन जाते हैं।
सास: Villain या Convenient Excuse?
सास शब्द सुनते ही हमारे दिमाग में टीवी सीरियल की background music बजने लगती है। लेकिन क्या हर सास खलनायिका होती है? या हमने stereotypes को इतना normalize कर दिया है कि पहले से ही “No Entry” का बोर्ड लगा देते हैं?
Irony देखिए जो आदमी अपनी मां को ‘खून पीने वाली’ बता रहा था, वही अपनी बहन के लिए perfect family ढूंढ रहा था। मतलब अपनी मां भावनात्मक बोझ, पर सामने वाले की मां सिर्फ option!

Double Standards Unlimited
समाज का गणित बड़ा सीधा है अपनी बेटी जाए तो ससुराल संस्कारी हो। अपने बेटे की शादी हो तो सास minimal हो। यह वही mindset है जहां equality का lecture तो सब देते हैं, लेकिन सुविधा अनुसार apply करते हैं।
“Full Stack Groom चाहिए, Joint Family Bug Fix कर दो”
आज का रिश्ता model कुछ ऐसा है “Groom Full Stack Developer हो, पर Family System Lite Version में मिले।”
मतलब शादी करनी है, पर रिश्तों की जिम्मेदारियों से software uninstall चाहिए।
भाभी जी का Silent Reaction
पूरी बातचीत के दौरान भाभी जी के चेहरे के expressions priceless थे। उनकी आंखों में लिखा था “जिसे तुम villain बता रहे हो, वही तुम्हें आज भी फोन करके पूछती है खाना खाया या नहीं।”
कभी-कभी satire लिखने की जरूरत नहीं पड़ती, real life scene ही काफी होता है।
समाज के नाम खुला सवाल
क्या शादी सिर्फ दो लोगों का contract है? या दो परिवारों का connection? अगर हर कोई ‘सास-मुक्त पैकेज’ ढूंढेगा, तो कल को कोई ‘बाप-मुक्त’ या ‘भाई-मुक्त’ option भी मांग लेगा। रिश्ते Amazon filter से नहीं चुने जाते। थोड़ी समझ, थोड़ी सहनशीलता और थोड़ा humor जरूरी है।
