कराची: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों ने बड़े आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत 17 संदिग्ध आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया है। पाकिस्तानी सेना के अनुसार, ये सभी संदिग्ध हाल ही में क्वेटा में हुए ट्रेन बम विस्फोट और अन्य आतंकी गतिविधियों से जुड़े हुए थे। कार्रवाई के दौरान कई ठिकानों को भी निशाना बनाया गया और भारी मात्रा में हथियार तथा विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
यह अभियान उस भीषण हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें पिछले महीने क्वेटा के पास एक शटल ट्रेन को निशाना बनाया गया था। उस हमले में सुरक्षाकर्मियों समेत कई लोगों की जान चली गई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे।
खुफिया जानकारी के आधार पर कई जिलों में चला अभियान
पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग ने बताया कि घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में अभियान चलाया। मस्तुंग, नुश्की, ज़हरी, खुज़दार और केच जिलों में संदिग्ध ठिकानों पर कार्रवाई की गई।
अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच कई स्थानों पर मुठभेड़ हुई। इन झड़पों में 17 संदिग्ध आतंकवादी मारे गए। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि मारे गए लोग क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क का हिस्सा थे और कई हिंसक घटनाओं में उनकी भूमिका रही थी।
हथियार, विस्फोटक और आईईडी बरामद
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। इसके अलावा कई तैयार किए गए विस्फोटक उपकरण भी जब्त किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल आगे की आतंकी गतिविधियों में किया जा सकता था।
सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान जारी रखा है। माना जा रहा है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है।
ट्रेन और रेलवे ढांचे को बनाया गया था निशाना
मई के अंतिम सप्ताह में बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा और उसके आसपास रेलवे नेटवर्क को निशाना बनाकर कई हमले किए गए थे। इनमें शटल ट्रेन, सैन्य उपयोग की ट्रेन और जाफर एक्सप्रेस जैसी रेल सेवाएं प्रभावित हुई थीं।
इन हमलों में रेलवे ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था और कई यात्री तथा सुरक्षाकर्मी हताहत हुए थे। विस्फोटों के कारण इंजन और कई डिब्बे भी क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे रेल संचालन पर व्यापक असर पड़ा।
हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
हमलों के बाद पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान में आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और रेलवे परिसरों की निगरानी भी बढ़ाई गई है।
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ रेल सेवाओं को अस्थायी रूप से रोका गया, जबकि कुछ मार्गों में बदलाव भी किया गया। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में सुरक्षा हालात की लगातार समीक्षा की जा रही है।
बलूचिस्तान में लंबे समय से बनी हुई है चुनौती
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन लंबे समय से अशांत प्रांत माना जाता है। यहां समय-समय पर सुरक्षा बलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और परिवहन ढांचे को निशाना बनाकर हमले किए जाते रहे हैं। हालिया घटनाओं के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद विरोधी अभियानों को और तेज किया गया है।
